विधायक दल की बैठक

इस्तीफा वापस लेने पर अड़े विधायक

मुंबई/नई दिल्ली, 26 सितंबर. अजित पवार के इस्तीफे के मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) दो फाड़ हो गई है. एनसीपी के विधायक दल की बैठक बुधवार दोपहर को हुई, जिसमें एक अहम प्रस्ताव पारित किया गया. विधायक दल की बैठक में एक सुर से सभी लोगों ने कहा कि अजित पवार अपना इस्तीफा वापस लें. उधर, एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि अजित पवार का इस्तीफा मंजूर होना चाहिए. इन हालातों में महाराष्ट्र में सियासी संकट गहरा गया है.

आज अजित पवार पार्टी की बैठक के लिए घर से निकलने से पहले समर्थकों से मुलाकात की. उधर, मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण के घर पर कांग्रेस की अहम बैठक हुई, जिसमें आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया. गौर हो कि डिप्टी सीएम अजित पवार के इस्तीफे और राज्य सरकार से एनसीपी के सभी मंत्रियों के इस्तीफे की पेशकश के बाद बुधवार को निर्दलीय विधायकों की ओर से उठाए गए कदम के बाद समीकरण बदलने लगे हैं. आज अजीत पवार के समर्थन में 12 निर्दलीय विधायक उतर गए. निर्दलीय विधायक विलास लांडे ने दावा किया कि यदि अजीत पवार मंत्री रहेंगे तभी हम सरकार को समर्थन देंगे.

उन्होंने कहा कि अजित सरकार में रहेंगे तभी सरकार के साथ रहेंगे.  उधर, अजीत पवार के समर्थन में बारामती के व्यापारियों ने बंद का ऐलान किया है.  महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के इस्तीफे और उनकी पार्टी के 19 अन्य मंत्रियों की ऐसी ही पेशकश के बाद उत्पन्न राजनीतिक स्थिति पर बुधवार को एनसीपी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक में चर्चा हुई.

विधायकों ने अजीत से इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया है. राज्य के आवास मंत्री सचिन अहीर ने बताया कि यह अहम बैठक अजीत पवार के अचानक इस्तीफे के कारणों पर चर्चा के लिए प्रदेश राकांपा अध्यक्ष मधुकर पिचाड ने बुलाई थी. अहीर ने हालांकि स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जाएगा, जिससे राज्य में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार को कोई खतरा उत्पन्न हो. उधर, राकांपा विधायकों ने अजित पवार से इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया है.

इस्तीफा मंजूर किया जाए: पटेल

राकांपा उपाध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री पद से अजित पवार का इस्तीफा निश्चित रूप से स्वीकार किया जाना चाहिये और यह पद रिक्त रखा जाना चाहिए। अजीत पवार के इस्तीफे कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कल संप्रग समन्वय समिति की बैठक होगी। बैठक का आयोजन विधान भवन में किया गया है।

अहिर ने संवाददाताओं से कहा कि महाराष्ट्र में कोई अनिश्चितता नहीं है। हमारे नेता शरद पवार का निर्णय अंतिम होगा। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि राकांपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बाबासाहब कुपेकर के निधन के कारण शायद बैठक नहीं हो पाए। अहिर ने कहा कि अजीत पवार के इस्तीफे के कारण उत्पन्न राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। बाबासाहब कुपेकर को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि 53 वर्षीय अजित पवार के प्रति वफादारी रखने वाले बहुत से विधायक इस बात पर अड़े हैं कि पार्टी को सरकार से अलग हो जाना चाहिए और पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व वाली सरकार को बाहर से समर्थन देना चाहिए। तेरह साल पुराना गठबंधन कल उस समय संकट में आ गया जब 1999 से 2009 के बीच जल संसाधन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सिंचाई परियोजनाओं में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले की खबरों के बाद शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

राकांपा के 20 अन्य मंत्रियों ने भी अपने इस्तीफे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मधुकर पिचाड को भेज दिए और मांग की है कि पार्टी को गठबंधन से अलग हो जाना चाहिए। पार्टी प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रिया सूले सहित वरिष्ठ राकांपा नेता कह चुके हैं कि पार्टी के सभी मंत्रियों द्वारा दिए गए इस्तीफे अजित पवार के समर्थन में उमड़ी ‘भावनाओंÓ का परिणाम है। राज्य लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार में उप मुख्यमंत्री सहित राकांपा के 20 मंत्री हैं।

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