नई दिल्ली, 25 जुलाई. कई दिनों से तीखे तेवर दिखा रही एनसीपी को मनाने की सरकार की कोशिशें जारी है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम एनसीपी से ऐसे सभी मुद्दों पर बातचीत करने को तैयार हैं जिन पर उन्हें आपत्ति है. उन्होंने कहा कि गठबंधन की राजनीति में लेन-देन चलता रहा है. पीएम ने कहा कि एनसीपी की उस सलाह पर चर्चा जारी है, जिसमें यूपीए गठबंधन में समन्वय के लिए एक समिति के गठन की बात कही गई है.

नाराजगी क्यों

एनसीपी का कहना है कि यूपीए गठबंधन में कांग्रेस का सहयोगी दलों के साथ व्यवहार बराबरी का नहीं है. गठबंधन और सरकार के फैसलों में सहयोगी दलों को बात रखने का बराबरी का मौका नहीं दिया जाता है. सत्ता में बराबरी की साझीदारी नहीं मिलती है और राज्यपालों की नियुक्तियों जैसे मुद्दों पर भी उनसे नहीं पूछा जाता. एनसीपी का आरोप है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल की नियुक्ति की खबर भी उसे मीडिया से मिली.

कांग्रेस के लिए कोई अल्टीमेटम नहीं

राकांपा ने बुधवार को कहा कि इसने कांग्रेस को कोई अल्टीमेटम नहीं दिया है, वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में केवल बेहतर समन्वय चाहती है. राकांपा के नेता व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कोई अल्टीमेटम नहीं है. हम बेहतर समन्वय चाहते हैं. बातचीत से मुद्दों का समाधान हो सकता है. पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार चला रही राकांपा मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को हटाने के लिए नहीं कह रही है. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा नहीं है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कौन होंगे. इस बारे में निर्णय ले लिया गया है और इस बारे में कांग्रेस को निर्णय लेना है.

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