• हैसियत की जंग

सरकार से बाहर जाने पर एनसीपी ने साधी चुप्पी

नयी दिल्ली, 2० जुलाई, नससे. सरकार में नंबर दो पोजिशन पर कांग्रेस पार्टी झुकने को तैयार नहीं है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार नंबर दो का ओहदा न मिलने से नाराज हैं. सूत्रों के अनुसार नंबर दो का ओहदा कांग्रेस अपने पास ही रखना चाहती है क्योंकि पीएम का पद कांग्रेस का ही है.

इस बीच कांग्रेसी रणनीतिकारों ने बीच बचाव करते हुए एनसीपी के सामने एक प्रस्ताव रखा है जिसमें एक कमेटी बनाने की बात कही गई है. इस तीन सदस्यीय कमेटी में शरद पवार, ए के एंटनी और सदन के नेता होंगे. कमेटी प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के दौरान सरकार का सारा कामकाज देखेगी. लेकिन माना जा रहा है कि एनसीपी नेता शरद पवार को ये फार्मूला बिल्कुल मंजूर नहीं है. ऐसे में यह देखना होगा कि कांग्रेस और एनसीपी के बीच बढ़ती दूरी को कैसे पाटा जाता है.

शरद पवार के आवास पर राकांपा की अहम बैठक के बाद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि राकांपा को कांग्रेस का फॉर्मूला स्वीकार नहीं है. हालांकि उन्होंने सरकार से बाहर जाने के फैसले के बारे में कुछ नहीं कहा उन्होंने कहा कि हम सरकार के साथ मजबूती के साथ खडे हैं. लेकिन इन मुद्दों का समाधान गंठबंधन सरकार के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि नंबर दो का मसला बेवजह उछाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि पवार का कद इन पदों से ऊंचा है. उन्होंने कहा कि सोनिया ने पवार को मुलाकात के लिए बुलाया था. सरकार में बने रहने या फिर बाहर जाने के मुद्दे पर सोमवार को राकांपा की अहम बैठक है, उसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जायेगा. इससे पहले यह खबर आयी थी कि सोनिया से मुलाकात के बाद शरद मान गये हैं. आज सुबह संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. पवार आज सुबह 10 जनपथ पहुंचे और माना जा रहा है कि सोनिया से उन्होंने जिन मुद्दों पर बातचीत की उनमें सहयोगी दलों को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी चर्चा हुई.

पीएम को लिखी चिठ्ठी में पवार की 3 मांगें

नई दिल्ली. केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में अपना कद बढ़ाने की मुहिम में जुटे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार की एक चिठ्ठी सामने आई है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में पवार ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं.

राकांपा अध्यक्ष पवार शुक्रवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात की. समझा जाता है कि प्रणब मुखर्जी के सरकार से हटने के बाद बदले सियासी समीकरणों और अपनी भूमिका दोबारा तय करने को लेकर सोनिया से चर्चा की.इस बीच, एक सूत्र ने बताया कि पवार ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. सूत्र के मुताबिक पवार की पहली मांग- तारिक अनवर को राज्यसभा का उपसभापति बनाना, दूसरी मांग राकांपा नेता जनार्दन वाघमारे को राज्यपाल बनाना और तीसरी मांग महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के लिए कहना है.

पीएम ने की पवार की तारीफ

नाराज चल रहे राकांपा प्रमुख शरद पवार की तल्खी को कम करने का एक तरफ जहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रयास किया वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी केंद्रीय कृषी मंत्री शरद पवार की तारीफ की है. श्री सिंह ने कहा है कि श्री पवार से बातचीत के बाद कहा कि वह बहुत ही सम्मानित सहयोगी हैं और उनका ज्ञान, बुद्धिमत्ता तथा अनुभव सरकार के लिए अत्यधिक उपयोगी है. उन्होंने कहा कि श्री पवार संप्रग में बहुत मूल्यवान सहयोगी हैं उनका बुद्धि कौशल और अनुभव सरकार के लिए बहुत उपयोगी है.

पवार ने की सोनिया से मुलाकात

केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के इस्तीफे की खबरों के बीच आज उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है. राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास लगाए जा रहे हंै कि सरकार में नंबर दो का ओहदा नहीं दिये जाने समेत अनेक मुद्दों पर नाराज राकांपा अध्यक्ष पवार ने पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल के साथ केंद्रीय कैबिनेट से गुरुवार को इस्तीफे की पेशकश कर दी थी. जिसके बाद बदले समीकरण को देखते हुए श्रीमती गांधी ने श्री पवार से मुलाकात कर ऊपजी परिस्थितियों पर चर्चा की. सूत्रों के मुताबिक श्रीमती गांधी और श्री पवार के बीच सहयोगी दलों को लेकर सरकार और कांग्रेस के रवैये पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह बैठक शाम को कांग्रेस कोर समूह की बैठक से पहले हुई . उधर राकांपा सूत्रों का कहना है कि सरकार और कांग्रेस किसी भी निर्णय में गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है. पार्टी नेताओं से बिना विचार-विमर्श किए कांग्रेस व सरकार में निर्णय लिए जा रहे हैं. जिससे कि श्री पवार काफी आहत हैं.

सूत्रों का कहना है कि श्री पवार प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद लोकसभा में नेता सदन के रिक्त हुए पद के लिए अपने नाम पर विचार तक नहीं होने से भी नाराज हैं. गौरतलब है कि गुरुवार को राष्ट्रपति चुनाव के मौके पर मतदान समाप्त होने तक एकजुटता प्रदर्शित करते रहे कृषि मंत्री पवार और भारी उद्योग मंत्री पटेल ने शाम होते होते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक से दूरी बना ली. जिस समय बैठक हो रही थी उसी समय श्री अपने घर पर पार्टी नेताओं के साथ विचार विमर्श कर रहे थे.

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