पितृत्व विवाद; डीएनए रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली, 27 जुलाई. पितृत्व विवाद मामले में कोर्ट के आदेश के बाद सार्वजनिक की गई डीएनए रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि याचिकाकर्ता रोहित शेखर के जैविक पिता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी ही हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ही तिवारी की डीएनए रिपोर्ट को सार्वजनिक न किए जाने की याचिका को खारिज करते हुए आदेश दिया था कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए.

न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला में की गई तिवारी की डीएनए जांच के नतीजे की घोषणा खुली अदालत में की. रिपोर्ट के अनुसार, तिवारी कथित तौर पर रोहित शेखर के जैविक पिता और उज्ज्वला शर्मा कथित तौर पर उनकी जैविक मां हैं. इससे पहले, नारायण दत्त तिवारी ने अपनी तरफ से इस बात की भी पूरी कोशिश की थी कि उनका डीएनए टेस्ट न हो, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अपना ब्लड सेंपल देना ही पड़ा.

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब साल 2008 में रोहित शेखर नाम के शख्स ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी डाल कर दावा किया कि वह एनडी तिवारी के बेटे हैं जिसके बाद से इस मामले की कई सुनवाई हो चुकी हैं. कई बार तिवारी को डीएनए टेस्ट के लिए आदेश दिया गया लेकिन उन्होंने उसे नहीं माना लेकिन अप्रैल 2012 में दिल्ली हाईकोर्ट में दो जजों की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर तिवारी खून के नमूने देने को तैयार नहीं होते तो पुलिस और प्रशासन की मदद ली जाए.

हां, पिता हूं पर प्राइवेसी चाहिए: एनडी

उधर, इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने के बाद एनडी तिवारी ने मीडिया को भेजे लिखित संदेश में कहा कि यह पूरा प्रकरण एक सुनियोजित षडयंत्र है और इसे अपना निजी मामला बताते हुए मीडिया और जनता से इसे अनावश्यक तूल न देने की अपील की. वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे तिवारी का निजी मामला करार दिया. तिवारी ने रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दी थी और उनके वकील तत्काल सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट गए भी थे. परंतु वहां से तत्काल राहत नहीं मिलने के कारण रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया गया.

Related Posts: