• आडवाणी की रथ यात्रा का समापन

नयी दिल्ली, 20 नवम्बर. राजग ने भ्रष्टाचार और काले धन के मामले में कांग्रेस और सरकार पर दबाव बनाते हुए आज ऐलान किया कि उसके सभी सांसद विदेशी बैंकों में उनका काला धन नहीं होने के बारे में संसद में एक घोषणा पत्र लिखकर देंगे.

राजग के कार्यकारी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने भ्रष्टाचार और काले धन के मामले में देश भर में अलख जगाने के लिए निकाली गई जन चेतना यात्रा के समापन पर यहां रामलीला मैदान में यह घोषणा की. राजग के संयोजक शरद यादव और अन्य घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि सरकार ने विदेशों में जमा काले धन के मामले में अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई की है और न ही कोई संतोष जनक वक्तव्य दिया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार काले धन के मामले में बेहद संवेदनहीन रवैया अपना रही है. उन्होंने कहा कि नींद में सोई सरकार को जगाने के लिए राजग के घटक दलों में सहमति हुई है कि उसके सभी सांसद चाहे वह किसी भी सदन के हों, अपने अपने सदनों के अध्यक्ष को एक घोषणा पत्र देंगे. संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में ही दिये जाने वाले इस घोषणा पत्र में सभी सदस्य लिखित रूप में यह जानकारी देंगे कि मैं घोषणा करता हूं कि मेरा देश के बाहर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई अवैध खाता या काला धन नहीं है.

श्री आडवाणी ने कहा कि सरकार को काले धन के बारे में विदेशों से मिली जानकारी को तुरंत सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें इस मुद्दे पर व्यापक समर्थन मिला है जिससे पता चलता है कि लोग इस मुद्दे को लेकर काफी संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि सरकार को भी यात्रा के दौरान इस बारे में रिपोर्ट मिली होगी लेकिन इसके बावजूद वह खामोश है. इस मौके पर भाजपा नीत राजग के सहयोगी दलों के नेता तो मौजूद थे ही, लेकिन अन्नाद्रमुक प्रमुख जे. जयललिता ने भी थम्बी दुरई के रूप में अपना प्रतिनिधि भेज कर एक राजनीतिक संकेत दिया. इस जनचेतना यात्रा के समापन अवसर पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, एस एस अहलूवालिया, विजय कुमार मल्होत्रा, विजय गोयल, पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता, महापौर रजनी अब्बी आदि मौजूद थे.

दिलचस्प बात यह रही कि नरेंद्र मोदी सहित भाजपा शासित किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई. राजग संयोजक और जदयू अध्यक्ष शरद यादव सहित शिवसेना के वरिष्ठ नेता अनंत गीते, शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह और आरपीआई नेता रामदास आठवले मौजूद थे. अन्नाद्रमुक की ओर से थंबी दुरई भी आडवाणी की यात्रा के समर्थन में पहुंचे. रामलीला मैदान के मंच पर आडवाणी ने अपने संबोधन के दौरान नोट के बदले वोट घोटाला मामले में हाल ही में जमानत पा चुके अपने पूर्व सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी, पूर्व सांसद महाबीर भगोरा और फग्गन सिंह कुलस्ते तथा मौजूदा सांसद अशोक अर्गल को भी बुलाया. उन्होंने कहा, कि व्हिसलब्लोअरों की भूमिका निभाने वाले हमारी पार्टी के इन सदस्यों को जेल भेज दिए जाने की घटना ने मुझे इस यात्रा के लिए प्रेरित किया था. मुझे खुशी है कि यात्रा के समापन मौके पर उसी मुद्दे का दिल्ली हाईकोर्ट ने समाधान कर दिया है. आडवाणी ने कहा कि अदालत ने माना कि ये लोग पर्दाफाश कर रहे थे और इनके खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत नहीं हैं. उपस्थित लोगों की संख्या से प्रसन्न आडवाणी ने कहा कि साठ वर्ष की राजनीति में वह 50 वर्ष से अधिक समय से दिल्ली में हैं, लेकिन उन्होंने रामलीला मैदान पर ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने कहा कि इस यात्रा में दो बातें अलग रहीं.

महंगाई के लिए केंद्र की नीतियां जिम्मेदार

सुषमा स्वराज ने मूल्य वृद्धि और महंगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ‘सर्वाधिक भ्रष्ट’ सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। आडवाणी की जनचेतना यात्रा के 40वें दिन रविवार को यहां पहुंचने पर रामलीला मैदान में आयोजित रैली को सम्बोधित करते हुए सुषमा ने कहा कि महंगाई की वजह से महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। उनके मुताबिक ईंधन का मूल्य बढ़ता जा रहा है। सरकार महिलाओं की आवाज नहीं सुन सकती। कीमतों में वृद्धि घोटालों तथा सरकार की गलत नीतियों के कारण हो रही है।

भावुक हुए आडवाणी

आडवाणी अपनी जन चेतना यात्रा के समापन के अवसर पर आज पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर भावुक हो उठे. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि यह पहली यात्रा है जिसमें उन्हें श्री वाजपेयी का सक्रिय योगदान नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा पूर्व की यात्राओं से एक मामले में भिन्न है. इस यात्रा की सबसे बडी सफलता उसे मिला लोगों का अपार जन समर्थन है लेकिन यदि इसकी कमजोरी की बात की जाये तो वह इसमें श्री वाजपेयी का सक्रिय योगदान नहीं होना है. उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि श्री वाजपेयी के स्वास्थ्य की स्थिति अब ऐसी नहीं है कि वह उनका सहयोग कर सके. श्री आडवाणी ने कहा कि यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले शाम को वह श्री वाजपेयी से मिलने उनके निवास गये और उन्हें यात्रा के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी ने उन्हें यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया.

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