• कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण

सीहोर. 15 नवम्बर नससे. मंगलवार को बेलगाम शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से तेज तर्रार डॉ.संजय गोयल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशानुरूप कार्य करते हुए  जिला मुख्यालय पर स्थित सोलह शासकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर नौ अनुपस्थित आला अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए है।

शासन ने सरकारी कामकाज को दुरुस्त करने सभी दफ्तरों के अधिकारी और कर्मचारियों को समय पर उपलब्ध रहने के आदेश दिए थे। इसके मुताबिक जिला मुख्यालय के सभी दफ्तरों में कर्मचारी और अफसरों को सुबह 10.30 बजे उपलब्ध होने के निर्देश हैं, साथ ही जिला मुख्यालय के कर्मचारी और अफसर को वहां रहने का आदेश भी धूल खाता नजर आ रहा है। मुख्यालय के दफ्तरों में तैनात कई अफसर और कर्मचारी ऐसे हैं, जो आदेशों के बाद आज भी अप-डाउन की दौड़ में हर रोज दफ्तर लेट पहुंचते हैं। इसका एक नमूना मंगलवार को को देखने को मिला जब कलेक्टर डॉ. गोयल ने जन सुनवाई में आमजन की समस्याओं का अधिकारी किस तरह निराकरण कर रहे है। यह जाने के लिए मंगलवार को अपने ताबड़तोड़ निरीक्षण के दौरान जिला मुख्यालय में एक साथ एक नही 16 कार्यालयों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में नौ अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। जिनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

यह मिले गैर हाजिर – कलेक्टर डॉ.गोयल ने मंगलवार को सुबह ग्यारह बजकर 25 मिनट पर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास कार्यालय पहुंचे. जहां उप संचालक कृषि अधिकारी अनुपस्थित मिले। इसके पश्चात साढ़े ग्यारह बजे के आस-पास कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंचे और दोनों कार्यालयों के कार्यपालन यंत्री गैर हाजिर मिले।  इसके उपरांत पौने बारह बजे के करीब जिला परिवहन कार्यालय में  पहुंचे, वहां भी जिला परिवहन अधिकारी गैर हाजिर पाए गए।  इसके उपरांत कलेक्टर ने दोपहर बारह बजे हस्तकरघा कार्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया तो वहां भी सहायक संचालक हस्तकरघा गोल मिले। इसके पश्चात कलेक्टर ने बारह बजकर पांच मिनट पर डीपीसी कार्यालय में पहुंचकर निरीक्षण किया. वहां भी अधिकारी गायब पाए गए। दोपहर बारह बजकर पंद्रह मिनट पर महिला बाल विकास विभाग और बारह बजकर 17 मिनट पर जिला योजना मंडल और बारह बजकर बीस मिनट पर सामाजिक न्याय विभाग पहुंचने पर कलेक्टर को वहां पदस्थ कार्यालय प्रमुख नदारत मिले. जिनके खिलाफ कलेक्टर ने नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के सख्त आदेश निकाले है.

कार्यालयों में मचा हड़कंप- मंगलवार को कलेक्टर डॉ. संजय गोयल के लगातार सोलह कार्यालय में जब औचक निरीक्षण किया तब तो अनेक अधिकारी और कर्मचारी समय सीमा में पर उपस्थित नही थे. लेकिन जैसे ही अधिकारियों और कर्मचारियों को यह जानकारी मिली कि कलेक्टर डॉ.गोयल शासकीय कार्यालयों में औचक निरीक्षण करने पहुंच रहे है तो सभी दौड़ पड़े अपने-अपने कार्यालयों की ओर.

क्या कहना है जिलाधीश का
शासन की मंशा अनुरूप अधिकारियों एवं कर्मचारियों को  शासकीय योजनाओं का समय सीमा में क्रियान्वयन करना चाहिए. यदि वह समय पर कार्यालय नही आते और कार्य के  प्रति उदासीनता बरत रहे है, तो उनके विरूद्ध इस तरह की कार्यवाही करना लाजमी है.  -: कलेक्टर डॉ. गोयल

तत्काल हुआ खबर का असर

बिना लाग-लपेट के सच और तथ्यात्मक समाचारों के लिए विश्वसनीय ‘नवभारतÓ हमेशा से ही जनहित की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए समाचारों का प्रकाशन करता है. जब मंगलवार 15 नवम्बर को नवभारत ने अपनी प्रमुख खबर में जिला मुख्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों और विभागीय जानकारी को सच्चाई के साथ प्रकाशित किया तो जिले के तेज तर्रार कलेक्टर ने समाचार को गंभीरता से लेते हुए वह कर दिखाया जो एक कलेक्टर को करना चाहिए. क्योंकि यदि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही अधिकारी-कर्मचारी लापरवाह हो तो फिर अन्य जिलों की स्थिति तो बद् से बद्तर होना स्वाभिक है. इसके साथ ही कुछ पत्रकार साथियों की वह शिकायत भी निराधार साबित हो कि जिला प्रशासन समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली खबरों पर कोई कार्रवाई नही करता. क्योंकि  कलेक्टर तत्वरित कार्रवाई ने यह बात साबित कर दी कि खबर पर कार्रवाई होती है. बस कहा यह जा सकता है कि  ‘कौन कहता है कि आसमान में सुराग नही हो सकता-एक पत्थर तो तबियत से  उछालो यारोंÓ

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