नई दिल्ली,24 सितंबर, नससे. मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों को अब अगले वर्ष से रोमिंग चार्ज नहीं देने पड़ेंगे.

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि आगामी वर्ष से रोमिंग चार्ज खत्म किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मई में मंजूर राष्ट्रीय दूरसंचार नीति  2012 का उद्देश्य रोमिंग चार्ज समाप्त करना और मोबाइल फोन उपभोक्ताओं को देश भर में अतिरिक्त शुल्क दिए बिना अपना ही नंबर का इस्तेमाल करने की अनुमति देना है.इस बीच सरकार ने आज फिर संसद की कार्यवाही को बाधित करने पर भाजपा की आलोचना की.

करते हुए कहा है कि भाजपा द्वारा संसद का कामकाज न चलने देकर कई महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने में बाधा खड़ी की. श्री कपिल सिब्बल ने कहा कि राष्टï्रीय मान्यता प्राधिकरण विधेयक और उच्च शिक्षा में अनुचित तरीके रोकने संबंधी विधेयक अगर पारित होने दिए जाते तो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जबर्दस्त परिवर्तन हो सकता था. श्री सिब्बल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को अपनी पार्टी के नेता अरुण शौरी की सलाह पर चलना चाहिए, जिन्होंने सरकार के हाल के आर्थिक सुधार उपायों का पक्ष लिया है.

वहीं दूरसंचार क्षेत्र में स्पेक्ट्रम को लेकर दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा है कि दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए आवेदन आमंत्रित करने का नोटिस तैयार कर रहा है, जिसके बाद वह एकीकृत लाइसेंस दिशा-निर्देश तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि नीलामी से संबंधित सभी मुद्दों को पहले हल किया जाएगा और आवेदन आमंत्रित करने का नोटिस इस हफ्ते जारी होने के बाद एकीकृत लाइसेंस पर ध्यान दिया जाएगा. श्री चंद्रशेखर ने कहा कि पूर्ण एकीकृत लाइसेंस का ब्यौरा तैयार करने के बाद नि:शुल्क रोमिंग के तौर-तरीके तय होंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन आमंत्रित करने का नोटिस इस महीने की 28 तारीख को लागू किया जाएगा.

सरकार इंटरनेट पर नियंत्रण के खिलाफ
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि सरकार इंटरनेट पर नियंत्रण के खिलाफ है लेकिन वह चाहती है कि भविष्य में सामने आने वाले मुद्दों को लेकर भागीदारों में आम सहमति स्थापित हो. श्री सिब्बल ने कहा कि संभवत: लोकतंत्र का सबसे अच्छे ढंग से प्रतिनिधित्व करने वाले किसी माध्यम के जरिए सूचनाओं के प्रसार में कोई औपचारिक सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार कोई फैसला नहीं बल्कि सहमति चाहती हैं. ऐसी सहमति जिसे बाद में औपचारिक रुप देकर भविष्य में उठने वाले मुद्दों से निपटा जा सके.

उन्होंने कहा कि इंटरनेट के कुछ पहलुओं को अभिव्यक्ति की आजादी से पूरी तरह संरक्षण मिला हुआ है लेकिन कुछ पहलू शायद मुक्त अभिव्यक्ति से संरक्षित नहीं हों. उन्होंने कहा कि समय के साथ व्यवस्था संचालन की प्रकृति, आजादी की परिभाषा के हिसाब से ही बदल रही है. श्री सिब्बल यहां इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इस सम्मेलन के शीर्षक पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, मुझे यह शब्द गवर्नेंस पसंद नहीं है. आप यहां इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस सम्मेलन की तैयारी के सिलसिले में इसका आयोजन कर रहे है. मुझे लगता है कि हम गलत कदम से शुरआत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जैसे जैसे भारत अपने लोकतंत्र को और मजबूत करेगा, देश इंटरनेट को अंगीकार करेगा. मंत्री ने कहा कि ना तो वह न ही उनकी सरकार इंटरनेट के लिए गवर्नेंस ढाचा या नियंत्रण चाहेगी.

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