नई दिल्ली, 11 जनवरी. एनआईए ने पाकिस्तानी एजेंटों के जरिये नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से भारत में नकली भारतीय मुद्रा लाने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय रैकेट को पकड़ा है. देश भर में मारे गए छापों में 14 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.

एनआईए के प्रवक्ता के मुताबिक ऐसी सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के माल्दा जिले में कुछ लोग पाकिस्तान में छपी नकली भारतीय मुद्रा की बांग्लादेश और नेपाल से तस्करी कर रहे हैं. मालदा के महाबतपुर में मोरगन हुसैन और राकिब शेख नकली नोटों की तस्करी, समन्वय और प्रसार में संलिप्त थे. गिरफ्तार किए गए लोग एक अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं जो पाकिस्तान में उच्च स्तर की भारतीय मुद्रा छापता है और बांग्लादेश से तस्करी कर पूरे देश में प्रसारित कर देता है. इस नेटवर्क को चलाने वाले 1000, 500 और 100 रुपये के नोटों पाकिस्तान से तस्करी कर भारत में अपने एजेंटों को दे देते थे. नकली नोटों के बदले मिले असली नोटों को लेने के लिए ये लोग बैंक खातों और एटीएम का प्रयोग करते थे.

नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीन गिरफ्तार

चेन्नई. राष्ट्रीय जांच एजेंसी [एनआइए] नकली नोट छापने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है. इसके तहत एजेंसी ने छापामारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि तीनों को शहर के बाहरी इलाके पल्लीकरनाइ से गिरफ्तार किए गए. हबीबुल रहमान, अब्दुल मुथालिक और प्रशांत मंडल नाम के ये तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं.

तीनों को नकली नोट छापने और उन्हें वितरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.  तीनों इस इलाके में मजदूरी करते थे. एनआइए की यह छापामारी रविवार को नकली नोट के खिलाफ की गई कार्रवाई का हिस्सा है. अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है.

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