औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर लगेंगे 255 करोड़ रूपये, निवेश संवर्धन साधिकार समिति की बैठक

भोपाल,18 अक्टूबर.प्रदेश में 761 हेक्टर में नौ नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जायेगी. इन औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिये 255 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहाँ शीर्ष स्तरीय निवेश संवर्धन साधिकार समिति की बैठक में इस संबंध में सैद्धांतिक सहमति दी गयी. बैठक में वित्त मंत्री राघव जी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्य सचिव अवनि वैश्य उपस्थित थे. चौहान ने बैठक में कहा कि नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना राज्य शासन की प्राथमिकता है. इससे नये पूंजी निवेश के साथ रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी. उन्होंने निर्देश दिये कि इन क्षेत्रों में किये जाने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें.

बैठक में बताया गया कि जिन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जायेगी उनमें भोपाल क्षेत्र में स्पेशल एजुकेशन जोन अचारपुरा, गोविंदपुरा और बगरोदा, इन्दौर क्षेत्र में क्रिस्टल आई टी पार्क (इन्दौर) और भावसिंगपुरा खंडवा, उज्जैन क्षेत्र में सिरसोदा (देवास), ग्वालियर क्षेत्र में पहाड़ी (मुरैना) और रेडिमेड गारमेंट काम्पलेक्स गदईपुरा, रीवा क्षेत्र में बगहा (सतना) शामिल है. इन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के लिये ए.के.वी.एन. द्वारा 127 करोड़ रूपये की व्यवस्था की जायेगी तथा 128 करोड़ रूपये का ऋण हुडको से लिया जायेगा. इसके साथ ही प्रदेश के चार औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचना उन्नयन के लिये 311 करोड़ रूपये खर्च किये जाने की सैद्धांतिक सहमति भी दी गयी. ये क्षेत्र मंडीदीप, पीथमपुर, सॉवेर रोड इन्दौर और सिद्धगवा (सागर) है. इसके लिये ए.के.वी.एन. द्वारा 77 करोड़ रूपये, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 9 करोड़, केन्द्रीय एसाईड योजना से 35 करोड़ रूपये तथा हुडको से 190 करोड़ रूपये का ऋण लिया जायेगा. इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जल से सम्बन्धित विकास कार्य कराये जायेंगे.

मेगा इन्वेस्टमेंट पर विशेष सुविधा
बैठक में 20 हजार करोड़ रूपये या उससे अधिक के मेगा इन्वेस्टमेंट पर दिये जाने वाले विशेष सुविधाओं के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी गयी. यह प्रस्ताव केबिनेट में लाया जायेगा. इसके अनुसार उद्योग नीति लागू होने के दस वर्ष की अवधि में 20 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ रूपये तक के पूंजी निवेश पर वेट में 2 वर्ष की अतिरिक्त छूट, प्रवेश कर में 2 वर्ष की अतिरिक्त छूट और 50 एकड़ भूमि रियायती दर पर दी जायेगी. इसी तरह 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक के पूंजी निवेश पर वेट में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट, प्रवेश कर में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट और 60 एकड़ भूमि रियायती दर पर दी जायेगी. बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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