नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एनकेपी साल्वे का रविवार को निधन हो गया. वह 90 वर्ष के थे. वृद्धावस्था सम्बंधी बीमारियों के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

कांग्रेस के नेता रहे साल्वे का जन्म मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुआ था. साल्वे वर्ष 1982-85 के बीच भारतीय क्रिक्रेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष रहे थे. साल्वे ने भारत में विश्व कप का आयोजन कराया, जो बेहद सफल रहा. साल्वे के इसी प्रयास के सम्मान में बीसीसीआई ने उनके नाम से 1998 में एकदिवसीय घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत की. साल्वे ने हमेशा से क्रिकेट में युवाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी. एनकेपी साल्वे चैलेंजर ट्रॉफी का भी यही उद्देश्य था. चैलेंजर ट्रॉफी का आयोजन रणजी सत्र की शुरुआत से ठीक पहले अक्टूबर में होता है.

बाद में इस टूर्नामेंट का नाम बदलकर एनकेपी साल्वे चैलेंजर सीरीज कर दिया गया लेकिन इसके उद्देश्य में कोई परिवर्तन नहीं आया. इसमें तीन टीमें हिस्सा लेती हैं, जिन्हें इंडिया रेड, इंडिया ब्ल्यू और इंडिया ग्रीन नाम से जाना जाता है. साल्वे के परिवार में पुत्र हरीश साल्वे व बेटी अरुंधती हैं. हरीश साल्वे वरिष्ठ वकील हैं. वह देश के महाधिवक्ता भी रह चुके हैं. एनकेपी साल्वे का पार्थिव शरीर रविवार रात नई दिल्ली से नागपुर ले जाया जाएगा. अंतिम संस्कार सोमवार को होगा.

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