
नई दिल्ली, 20 फरवरी. केंद्रीय विमानन मंत्री अजीत सिंह ने घाटे में चल रही किंगफिशर एयरलाइंस को बेलआउट पैकेज दिए जाने से इंकार कर दिया है। नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार विमानन कंपनी को राहत पैकेज नहीं देगी।
मंत्री ने संवाददाताओं से कहा ‘कोई भी सरकार राहत पैकेज नहीं देगी। सरकार इसके लिए बैंक या निजी उद्योग से कुछ नहीं कहेगी।’ सिंह ने कहा ‘हाल ही में सरकार ने उनके बैंक खाते भी जब्त कर लिए। इसलिए हमारी पहली चिंता मौजूदा उड़ानों में सवारियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो और फिर देखते हैं वे क्या जवाब देते हैं। डीजीसीए इसकी जांच कर रही हैं।’ उन्होंने कहा कि किंगफिशर के सामने कई तरह की वित्तीय मुश्किलें हैं। सूत्रों के अनुसार किंगफिशर के 20 पायलटों ने सोमवार को इस्तीफा दिया है। कहा यह भी जा रहा है कि इन पायलटों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से एयरलाइंस के परिचालन में नया संकट खड़ा हो गया है। इस बीच किंगफिशर एयरलाइंस की सोमवार को भी 40 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गई है जिससे मुसाफिरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को किंगफिशर की 80 उड़ानें रद्द हो गई थी। उड़ानें रद्द होने पर डीजीसीए ने जवाब मांगा है कि आखिर मुसाफिरों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। उड़ानें रद्द किए जाने पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने रविवार को जांच के आदेश दिए और एयरलाइंस के सीईओ को भी जवाब के लिए बुलाया है। किंगफिशर को मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में 444 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में कम्पनी को 254 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

