आतंकवाद व भ्रष्टाचार देश विकास में रोड़ा

नई दिल्ली, 25 जुलाई, नससे. देश के नए महामहिम के तौर पर शपथ लेने के बाद प्रणब मुखर्जी ने आतंकवाद को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध जारी रखना चाहिए. आज आतंकवाद से भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में युद्ध की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले भारत बहुत पहले से ही आतंकवाद के दुष्परिणाम भुगत रहा है.

भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण के दौरान श्री मुखर्जी ने अपने पहले भाषण में आतंकवाद के अलावा देश की दूसरी बड़ी समस्याओं जैसे गरीबी व अशिक्षा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि आंतकवाद को खत्म करना और देश को विकास की राह पर ले जाना एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि आज भी देश का एक बड़ा हिस्सा भुखमरी और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा है. ऐसे में उन्हें दो वक्त के खाने के साथ-साथ अच्छी शिक्षा देना भी जरूरी है. गरीबी को दूर करना देश की सबसे बड़ी जरूरत है. पहले भाषण में महामहिम ने कहा कि आधुनिक भारत के शब्दकोश में गरीबी जैसे शब्द की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. भारत के विकास में गरीबों की हिस्सेदारी की वकालत करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भूख से बड़ा कोई अपमान नहीं है. प्रणब ने संसद के केन्द्रीय कक्ष में भारत के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद कहा कि गरीबी के अभिशाप को खत्म करना है . श्री मुखर्जी ने कहा कि भारत आत्म समृद्ध देश है और विकास की राह पर चलने के लिए कटिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार भी देश के विकास में रोड़ा है. इससे लडऩे के लिए हमें आगे आना होगा. श्री मुखर्जी ने कहा कि वर्षो के युद्ध के मुकाबले कुछ क्षणों की शांति कहीं अधिक उपलब्धि मानी जा सकती है.

प्रणब ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ

नई दिल्ली,24 जुलाई, नससे. प्रणब मुखर्जी ने आज देश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. सुबह साढ़े ग्यारह बजे संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह में उन्होंने राष्ट्रपति पद की शपथ ली.

देश के मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील की उपस्थिति में श्री मुखर्जी को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई. शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्टï्रपति डॉ हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, अरूण जेटली, केन्द्रीय मंत्रियों, सांसदों समेत कई राज्यों के राज्यपाल व मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया.

महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित

शपथ ग्रणह से पहले श्री मुखर्जी राजघाट गए. वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने वीरभूमि, शक्ति स्थल, शांति वन तथा विजय घाट जाकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी. श्री मुखर्जी को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. शपथ लेने के बाद हॉल से बाहर निकलते समय श्री मुखर्जी ने हाथ जोड़कर सभी का धन्यवाद किया. जब वह तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास पहुंचे तो दोनों ने एक-दूसरे को मुस्कुराकर बधाई दी. इस दौरान सुश्री बनर्जी ने श्री मुखर्जी को पश्चिम बंगाल आने का आमंत्रण दिया.

Related Posts: