नई दिल्ली, 11 अप्रैल. भाजपा के मुताबिक नरेन्द्र मोदी पर गुजरात दंगों का आरोप राजनीतिक प्रेरित है. उन्हें क्लीन चिट मिलने पर खुशी या निंदा की कोई वजह नहीं है.

गुजरात दंगों के दौरान हुए गुलबर्ग नरसंहार मामले में राज्य के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को विशेष जांच दल द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के दूसरे दिन भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने आज कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट पर खुशी मनाने की कोई वजह नहीं है, क्योंकि इस मामले में राजनीति के चलते झूठे आरोप लगाए गए थे. जेटली ने कहा कि इस घटना के लिए राजनीतिकों के नाम घसीटने का यह एक असफल प्रयास था. लेकिन इसके चलते ऐसा करने वाले मीडिया के जरिए कुप्रचार करने के अपने प्रयास में ज़रूर सफल हुए. मगर जहां तक कानूनी सुबूत का संबंध है तो ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है. इसलिए इस प्रयास को असफल होना ही था. उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है  खुशी मनाने की कोई वजह नहीं है. इसकी निंदा किए जाने की भी कोई वजह नहीं है. अहमदाबाद की एक अदालत ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल ने मोदी सहित उन 58 लोगों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं पाया है.

कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की विधवा ज़किया जाफरी ने दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसायटी में दंगाइयों द्वारा आग लगा कर 69 लोगों को जिंदा जला देने की घटना के सिलसिले में इन 58 लोगों के खिलाफ अदालत में अपील की थी. मारे गए इन 69 लोगों में अहसान जाफरी भी शामिल थे. जेटली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने दंगों की जांच के लिए एसआईटी की सराहना की है. उन्होंने कहा कि एसआईटी ने जो आरोप पत्र दाखिल किया है उसमें किसी राजनीतिक नेता का नाम नहीं है लेकिन बाद में ”राजनीतिक सोचÓÓ के तहत राजनीतिकों के विरूद्ध शिकायतें दर्ज कराई गई.

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