मंत्री-अधिकारी करें आकस्मिक निरीक्षण

भोपाल,4 नवम्बर.नभासं. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बजट का धरातल पर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश राज्य के अधिकारियों को दिया हैं. उन्होंने इसी अवधि की तुलना में गत वित्तीय वर्ष से 2800 करोड़ रुपये अधिक व्यय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंत्रियों तथा अधिकारियों को बधाई दी.चौहान ने कहा है कि विकास दर में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी तीन प्रदेशों में रहा है. 10 प्रतिशत से भी अधिक विकास दर होना प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है.

चौहान आज यहाँ द्वितीय त्रैमास की विभागवार समीक्षा के बाद मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त तथा त्वरित कार्रवाई की जाय. बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की विकास दर बढ़ी है. यह सिलसिला थमे नहीं. हमें विकास दर अगली योजना में और भी आगे बढ़ाना है. मंत्री और अधिकारी योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन पर निरंतर ध्यान देते रहें. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वित्त वर्ष के प्रथम छह  माह में कुल बजट आवंटन का चालीस फीसदी व्यय प्रशंसनीय है.

चौहान ने कहा कि वर्षान्त में खर्च करने से राशि का सदुपयोग नहीं होता था. वर्तमान त्रैमास बजट की व्यवस्था अधिक उपयोगी और सार्थक सिद्व हो रही है. मुख्यमंत्री ने सहकारिता, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, जल संसाधन आदि विभागों को यथा समय राशि के शतप्रतिशत व्यय के लिए विशेष रूप से बधाई दी. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अन्य विभाग भी राशि के समय पर और समुचित उपयोग पर अधिक ध्यान दें. आज हुई बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य के बाहर स्थित संपत्तियों की समुचित देखरेख और उनसे आय अर्जन के प्रयास करने के निर्देश भी दिए.

जारी रहें आकस्मिक भ्रमण और निरीक्षण- मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन जाँचने का बेहतर तरीका है – आकस्मिक भ्रमण और निरीक्षण. इसे वे स्वयं करते रहेंगे. उन्होंने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से भी निरंतर दौरे और निरीक्षण कर वास्तविकताएँ जानने को कहा.

प्रस्ताव और उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर भेजें- मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार को समय पर प्रस्ताव भेजे जाएं. केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से संपर्क रखते हुए प्रस्तावों को मंजूर करवाया जाए. मुख्यमंत्री चौहान ने उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेजने में विलम्ब की स्थिति पर निर्देश दिए कि कुछ कार्यो की पूर्णता के पश्चात भी उपयोगिता प्रमाण-पत्र न भेजे जाने से नई स्वीकृतियों में अड़चन आती है. राशि समय पर पहुँचाने और व्यय सुनिश्चित कर आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त किए जाएं. पद पूर्ति और कैडर मैनेजमेंट- मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कुछ विभागों में पद पूर्ति का कार्य लंबित है. आवश्यक हो तो एक जैसे पदों की संयुक्त परीक्षा आयोजित की जाए. कैडर मैनेजमेंट, नए पदों के सृजन और पदों को भरने का कार्य समय-सीमा में हो. प्रत्येक विभाग गुणवत्ता वृद्वि के लिये प्रशिक्षण भी आयोजित करें.

  •  समय पर जाएं विधान सभा प्रश्नों के जवाब

चौहान ने निर्देश दिए कि विधानसभा सत्र में प्रश्नों और, आश्वासनों से संबंधित जानकारी समय पर भेजी जाए. जानकारी एकत्र हो रही या आ रही है जैसे उत्तर शोभा नहीं देते. उन्होंने कहा सरकार का दृष्टिकोण साफ है. गड़बड़ी पर दो टूक कार्रवाई करें. गड़बड़ करने वालों से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है.

  •  भ्रष्ट आचरण पर सख्त कार्रवाई

चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार सहन नहीं होगा. विभागीय जाँच के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण हो और दोषियों के विरुद्व सख्त कार्रवाई की जाय. शिकायतों पर पूरा ध्यान देते हुए अविलम्ब कार्रवाई हो. गड़बड़ी करने वालों पर कोई दया-माया नहीं दिखाएं.

  •  प्रोत्साहित हों  नवाचार

चौहान ने कुछ सफल नवाचारों का जिक्र करते हुए ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करने को कहा. मुख्यमंत्री ने शासकीय कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग, हितग्राही के खाते में राशि जमा कराए जाने और लोगों तक लोक सेवाओं का बेहतर ढंग से पहुँचाने के भी निर्देश दिए.

  •  निकायों-मंडलों की समीक्षा होगी

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि आगे दिसम्बर में वे निगम-मंडलों की समीक्षा करेंगे. उन्होंने निर्देश दिये कि संबंधित मंत्रीगण इससे पहले अपने स्तर पर इनकी समीक्षा कर लें.

  •  अंतिम तिमाही का इंतजार नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पैसा रिलीज करने ही को व्यय न माना जाय. साथ ही यह भी ध्यान दिया जाय कि त्रैमास के अंतिम दिनों में ही राशि का ताबड़तोड़ आवंटन न हो. जमीनी स्तर पर जैसे-जैसे आवश्यकता हो राशि आवंटित होती रहे. इसी सिलसिले में उन्होंने वित्त विभाग से भी कहा कि उपयोग पूरा होने पर अगली किश्त जारी करने में विलम्ब नहीं हो. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विभागों द्वारा राशि का व्यय संभव न होने पर राशि समर्पित की जाय अथवा बजट मद में परिवर्तन कर उपयोग सुनिश्चित किया जाय. बेहतर वित्तीय प्रबंधन एवं विलम्ब से बचने के लिये वित्त विभाग कुछ अधिकारों का प्रत्यायोजन करें. इस संबंध में कुछ प्रमुख विभागों में वित्तीय सलाहकार रखने के निर्देश दिये.

  •  सफल बने बेटी बचाओ अभियान

चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटी बचाओ अभियान को समाज का व्यापक समर्थन मिल रहा है. जन-प्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारी भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोगी बने. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शासकीय विभाग द्वारा इस अभियान में सहयोग, समाज के लिए की गई बड़ी सेवा सिद्ध होगी.

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