नई दिल्ली, 10 अक्टूबर. अब आपका एक ही नंबर हर जगह काम करेगा। यानी मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का लाभ सारे देश में मिलेगा। अब देश में कहीं भी जाइए, आपको अपने मोबाइल फोन के रोमिंग चार्ज की चिंता नहीं करनी होगी क्योंकि यह मुफ्त होने जा रहा है। इतना ही नहीं, आप भारत में कहीं भी रहना चाहें, आपको मोबाइल नंबर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने आज नई टेलीकॉम नीति के मसौदे की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब देश को एक ही लाइसेंस के तहत रखा जाएगा जिससे ग्राहकों को रोमिंग चार्ज से मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा उन्हें पूरे देश में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का भी लाभ मिलेगा। एक देश एक लाइसेंस की नीति का फायदा यह होगा कि देश में कहीं भी कॉल करना लोकल कॉल के बराबर ही होगा। यानी कि लोकल और एसटीडी का फर्क मिट जाएगा। संचार मंत्री ने कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का दर्जा दिया जाएगा जिससे उसे लोन लेने तथा अन्य कार्यों में आसानी होगी।

कंपनियों के हित की कुछ बातें करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि स्पेक्ट्रम शेयर कर सकेंगे और पूलिंग भी। इससे उनके खर्च में कमी आएगी। इसके अलावा ट्राई कानून में बदलाव की भी उन्होंने बात कही। कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार चाहती है कि 2010 तक पूरे देश में टेलीफोन की डेनसिटी बढ़ जाए। अभी यह 74 प्रतिशत है।

उन्होंने ब्रॉडबैंड के लिए भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि 2017 तक पूरे देश के लिए 500 एमएचजेड स्पेक्ट्रम का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम के लाइसेंस की अवधि अब दस साल की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेक्ट्रम की ऑडिट होती रहेगी।
गांव-गांव से जुड़ेगा मोबाइल सरकार हर गांव में को कनेक्ट करना चाहती है। सरकारी टेलीकॉम कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल की कपिल सिब्बल ने तारीफ की और कहा कि उन्होंने गांव-गांव तक फोन पहुंचाने में बड़ा योगदान किया है।

कहीं गम भी
रोमिंग फ्री हो जाने से टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान होगा। भारती एयरटेल के मुनाफे में 4-5 प्रतिशत, आइडिया सेलुलर के मुनाफे में 8-9 प्रतिशत और रिलायंस कम्युनिकेशंस के मुनाफे में 7 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इस मसौदे पर सभी पक्षों पर विचार विमर्श करने के बाद इसे दिसंबर में सामने लाया जाएगा और फिर संसद में रखा जाएगा।

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