दुबई. क्रिकेट की असली कसौटी माने जाने वाले टेस्ट प्रारूप के लिए दर्शकों, प्रसारणकर्ताओं और प्रायोजकों के टोटे के बीच अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2017 से पहले टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन संभव नहीं है.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष हारून लोर्गाट ने सोमवार को कहा, मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि वर्ष 2013 में टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन नहीं किया जा सकेगा. आईसीसी बोर्ड की पिछली बैठक में भी यह फैसला किया गया कि 2017 तक कोई टेस्ट चैंपियनशिप नहीं खेली जा सकेगी. हारून ने कहा, वर्ष 2015 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए प्रसारकों और आयोजकों के साथ करार किए जा चुके हैं और आईसीसी इससे बंधी हुई है. हमने चैंपियंस ट्रॉफी को टेस्ट चैंपियनशिप में बदलने के लिए भरसक प्रयास किया, लेकिन हम इसमें नाकाम रहे.  आईसीसी की यह घोषणा क्रिकेट के सबसे पुराने और लंबे प्रारूप के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

टेस्ट एक ओर दर्शकों की कमी से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ ट्वेंटी-20 की बढ़ती लोकप्रियता से इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. प्रसारकों और प्रायोजकों को भी टेस्ट में पैसा लगाना कोई फायदे का सौदा नजर नहीं आता. क्रिकेट में सबसे ज्यादा कमाई भारत से होती है, लेकिन भारतीय टीम के टेस्ट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने की कोई गारंटी नहीं है. ऐसे में प्रसारक और प्रायोजक इस चैंपियनशिप में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. लोर्गाट ने कहा, क्रिकेट में टेस्ट मैचों की सर्वोच्चता सिद्ध करने के लिए हमने टेस्ट चैंपियनशिप के आयोजन के बारे में सोचा था, लेकिन हकीकत यह है कि इसके लिए भी हमें 2017 तक इंतजार करना होगा.

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