नई दिल्ली, 1 नवम्बर. आयकर विभाग ने विदेशों से मिली सूचना के आधार पर विदेशों में कालाधन रखने वालों को नोटिस भेजना शुरू किया है। हालांकि, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने के बाद ऐसे लोगों के नामों का खुलासा किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि स्विस बैंक खातों के बारे में विदेशों से मिले बैंकिंग आंकड़ों का वर्गीकरण करने और उनकी जांच के बाद अपराधिक जांच निदेशालय द्वारा देशभर में व्यक्तियों और इकाइयों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार को कालाधन मामले में उद्योगपतियों और सांसदों के बारे में सूचना मिली है, प्रणब मुखर्जी ने बताया, ‘जब और जैसे ही सूचना मिलती है, जांच शुरू होती है और मुकदमा दर्ज होता है, मौजूदा संधि नियमों के तहत हम ऐसे लोगों के नाम का खुलासा कर सकते हैं। प्रणब ने इससे पहले कहा था कि सरकार को भारतीयों के विदेशी खातों के बारे में फ्रांस से सूचना मिली है। 69 मामलों में करदाताओं ने स्वीकार किया है कि उनके पास 397.17 करोड़ रुपये की काली कमाई है। 30.07 करोड़ रुपये के कर का भुगतान भी कर दिया गया। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार को भारतीय नागरिकों द्वारा संदिग्ध लेनदेन के सौदों के संबंध में विभिन्न देशों से सूचना की 9,900 प्रतियां प्राप्त हुई हैं.

जिनकी विभिन्न स्तरों पर छंटाई की जा रही है। आपराधिक जांच विभाग अगले कुछ महीनों में विभिन्न मामलों में कानूनी कार्यवाही शुरू करेगा। सूत्रों ने कहा कि इन मामलों में आयकर कानून के आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कई मामलों में विभाग ने तलाशी अभियान चलाने और अतिरिक्त सूचना हासिल करने के लिए सर्वेक्षण कराने की भी योजना बनाई है।

राजीव के 25 लाख फ्रेंक के लिए अर्जी
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दावा किया गया है कि स्विस बैंक में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम से एक खाता है, जिसमें 25 लाख फ्रैंक (फ्रांसीसी करेंसी) जमा हैं। याचिकाकर्ता ने यह आरोप एक पत्रिका में छपी 20 साल पुरानी रिपोर्ट के आधार पर लगाया है। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार को निर्देश दे कि यह रकम भारत लाने के लिए कदम उठाए जाएं।

हजारों करोड़ जमा
पूछताछ में उद्योगपतियों ने माना है कि जेनेवा के   बैंक में इनके परिवार के नाम 800 करोड़ रुपए जमा हैं। कहा जा रहा है कि जिन सांसदों की राशि का पता चला है कि उनमें से एक की विदेश से बाहर 200 करोड़ रुपए तक जमा है।

नामों का खुलासा करे सरकार: भाजपा

नई दिल्ली, नससे. भाजपा ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि फ्रांस सरकार से प्राप्त सूची में बताये गये सभी 700 नामों का खुलासा करे. पार्टी ने कहा है कि काला धन वापस लाने और कर की चोरी करने वालों पर की गई कार्रवाई पर एक विस्तृत बयान दे. भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने काले धन के मुददे पर सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यूपीए ने 2009 में आम चुनाव जीतने के बाद सरकार ने कहा था कि सौ दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी. लेकिन अभी तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

जर्मन सरकार से लिच्टेन्सटीन में एक बैंक में काला धन रखने वाले खाताधारियों के नामों की सूची प्राप्त करने के 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की. फ्रांस ने भारत सरकार को एक कम्पैक्ट डिस्क प्राप्त हुई, जिसमें एचएसबीसी, जेनेवा में भारतीयों से संबंधित 700 बैंक खातों का विवरण दिया गया है. इसपर कुछ कार्रवाई भी की गई. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि इस संबंध में सारी बातों का सरकार को खुलासा करना चाहिए.

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