दागी क्रिकेटरों पर पाकिस्तान में भी मुकदमा चलेगा

लाहौर,4 नवंबर.  स्पॉट फिक्सिंग के कारण ब्रिटेन में सजायफ्ता पाकिस्तान के तीन क्रिकेटरों पूर्व कप्तान सलमान बट्ट और तेज गेंदबाजों मोहम्मद आसिफ तथा मोहम्मद आमेर पर अब उनके देश में भी मुकदमा चलेगा. पाकिस्तान की एक अदालत शुक्रवार को इन तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश स्थानीय प्रशासन को दिये.

लाहौर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अधिवक्ता मोहम्मद जुबैर बुल्कान की याचिका सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. जुबैर ने अदालत से कहा था कि फिक्सिंग में लिप्त पाकिस्तानी क्रिकेटरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया जाए.  याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने इस्लामपुरा पुलिस थाने में इन क्रिकेटरों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन वहां के अधिकारियों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया था. उनका कहना था कि इन खिलाडिय़ों ने जो गलती की है, उसे पूरे देश में कोई सहन नहीं कर पाएगा.

अदालत ने इस्लामपुरा थाने के प्रमुख को आदेश दिया कि याचिककर्ता के आवेदन के अनुसार दोषी खिलाडिय़ों के खिलाफ उनके संज्ञेय अपराध के लिए विधिसम्मत तरीके से मुकदमा दर्ज किया जाए. ब्रिटेन की साउथ क्राउनवार्क अदालत ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला देते हुए स्पॉट फिक्सिंग मामले में 27 वर्षीय बट्ट को ढाई साल, 28 वर्षीय आसिफ को एक वर्ष और 19 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज आमेर को छह महीने की जेल की सजा सुनायी थी. साथ ही स्पॉट फिक्सिंग के मास्टर माइंड सटोरिए मजहर माजीद को 2 वर्ष 8 माह के लिए कारावास की सजा सुनाई गयी थी और तीनों क्रिकेटरों को इस सजा के साथ-साथ जुर्माना भी किया गया है जो अभियोजन पक्ष को मुकदमे के खर्चे के मुआवजे के रूप में मिलेगा.

अदालत में ज्यादा बोले तो मारे जाओगे

मेलबर्न.  क्रिकेट का काला अध्याय बन चुके स्पॉट फिक्सिंग मामले में 6 माह की सजा पाये पाकिस्तानी युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर और उनके परिजनों को अंडरवर्ल्ड ने अदालत में सबूत पेश करने से रोकने के लिए खूब धमकाया था. आमेर ने साउथ क्राउन वार्क अदालत में सुनवाई के दौरान कहा था कि वह अपने और परिजनों के अंडरवर्ल्ड के निशाने पर होने के कारण बहुत कुछ जानते हुए भी नहीं बता सकते हैं. बताया जाता है कि इस अंडरवर्ल्ड का संबंध भारतीय उपमहाद्वीप में जुआ और अन्य अवैध कारोबारों से है.  स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश जेरेमी कुक ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और अन्य स्रोतों से हासिल सबूतों का हवाला देकर आमेर की इस दलील की पुष्टि भी की थी और फिर ओवल तथा लॉर्ड्स टेस्ट में स्पॉट फिक्सिंग में उनकी भूमिका के लिउ उन्हें छह माह कारावास की सजा सुनायी.

आमेर और उनके परिजनों ने अदालत से कहा था कि न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के स्टिंग ऑपरेशन में जबसे आमेर का नाम उजागर हुआ तबसे उन लोगों को मुंह बंद रखने के लिए अंडरवर्ल्ड से धमकियां आने लगीं. पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर जुल्कारनैन हैदर ने भी साल के शुरू में ऐसा ही दावा किया था और इसी कारण दुबई में इंग्लैंड के खिलाफ शृंखला बीच में ही छोड़कर लंदन भाग गये थे. न्यायाधीश कुक ने कहा, आपने स्वयं अदालत में उपस्थित होकर बताया है कि अपने और अपने परिवार के ऊपर खतरे के कारण आप एक सीमा से अधिक बातें सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते हैं. आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई और सुरक्षा ईकाई से प्राप्त दस्तावेजों में भी अंडरवर्ल्ड की ताकत और ऐसे खतरों की पुष्टि होती है.

  •  भ्रष्ट खिलाडिय़ों के खिलाफ पाक में प्रदर्शन

कराची. जेल भेजे गए पाकिस्तानी क्रिकेटरों सलमान बट और मोहम्मद आमिर के परिवार वालों ने भले ही यह नहीं माना हो कि दोनों खिलाड़ी भ्रष्टाचार में संलिप्त थे लेकिन उनके चाहने वालों ने आज इस शर्मनाक घटना के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया.  कराची के गुलबर्ग इलाके में एक बुर्जूग प्रशंसक ने कहा, खिलाडिय़ों ने जो कुछ किया वह शर्मनाक है. पूरा देश उन पर विश्वास करता है और उनके प्रदर्शन और प्रतिभा के लिए उनकी पूजा तक करता है. उन्होंने अपनी लालच के लिए पूरे देश का सिर शर्म से झुका दिया.
एक प्रदर्शनकारी अकील अहमद ने कहा, उन्होंने सिर झुका दिया है और क्रिकेट पर धब्बा छोड़ दिया है. भविष्य में हमारे सभी खिलाड़ी संदेह के घेरे में रहेंगे जो दुखद है. इस बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने आज आरोप लगाया कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार केवल उनके देश तक सीमित नहीं है बल्कि अन्य देशों में होता है जहां क्रिकेट बोर्ड मामले को दबा देता है.

  •  पीसीबी ने हमें प्रशिक्षित नहीं किया

कराची, मोहम्मद आमिर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं देने के लिए पीसीबी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने साथ ही उस मामले में ‘और अधिक खुलासे करने की भी बात कही जिसमें सह आरोपियों सलमान बट और मोहम्मद आसिफ ने उनकी प्रतिष्ठा को और नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था. इंग्लैंड के खिलफ पिछले साल लार्डस टेस्ट में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाए जाने पर आमिर को छह महीने के लिए युवा आपराधियों के हिरासत केंद्र में भेजा गया है, जबकि बट और आसिफ को 30 महीने और 12 महीने जेल की सजा हुई है.

आमिर ने भ्रष्टाचार के बारे में खिलाडिय़ों को अधिक जागरूक नहीं करने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट अधिकारियों पर निशाना साधा. इस तेज गेंदबाज ने न्यायाधीश के सजा की घोषणा करने के कुछ देर बाद कहा,पीसीबी ने मुझ से कभी नहीं कहा कि इस तरह की चीजों में शामिल होना कितना गंभीर अपराध हो सकता है. उन्होंने मुझे भ्रष्टाचार रोधी कानूनों की पर्याप्त तालीम नहीं दी. बट और आसिफ ने लंदन की अदालत में सुनवाई के दौरान जिस तरह उनके खिलाफ बयान दिए उससे भी आमिर निराश हैं. आमिर ने कहा, ‘उन्होंने सुनवाई के दौरान मेरी प्रतिष्ठा और नाम को खराब करने का प्रयास किया. जब समय आएगा तो मैं इस बारे में सभी खुलासे करूंगा.

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