वॉशिंगटन, 7 जून. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा मानते हैं कि रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी से उनका मुकबला आसान नहीं होगा. उनका कहना है कि इकॉनमी के न सुधर पाने के कारण यह मुकाबला और भी कड़ा हो गया है.

सैन फ्रांसिस्को में अपने प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने कहा यह एक मुश्किल लड़ाई होने वाली है क्योंकि इकॉनमी में उतना सुधार नहीं हो पाया है, जितना होना चाहिए था. अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति ओबामा नवंबर में इस पद पर दूसरे कार्यकाल के लिए चुनावों का सामना करेंगे. इस मौके पर ओबामा ने रिपब्लिकन पार्टी और रोमनी की आर्थिक नीतियों पर भी हमला बोला.
उन्होंने  कहा, वे क्या दे रहे हैं? बुश द्वारा लगाए गए कर में कटौती का प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन साथ ही लोगों के लिए 50 खरब डॉलर के कर की कटौती कर रहे हैं. वह भी ऐसे लोगों के लिए जो यह चाहते ही नहीं हैं. हम जानते है कि इससे घाटा और बढ़ जाएगा पर उनकी यही सोच है. रोमनी की सोच यही है कि इकॉनमी तभी आगे बढ़ती है जब बाजार ही बादशाह बन जाए, सभी नियमों को हटा दिया जाए और लोग जो चाहें कर सकें. हम मुक्त बाजार में विश्वास करते हैं. हम चाहते है कि खतरा मोल लेने वालों और नया करने वालों को फल मिले. ओबामा ने यह भी साफ कर दिया कि उनके और रोमनी के नजरिये में बहुत फर्क है. अपनी सफलताएं गिनाते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव हो रहा है पर अभी और भी ज्यादा बदलाव की जरूरत है.

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