नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने 2032 तक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 1,28,000 मेगावाट करने की योजना बनाई है। कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंधन निदेशक अरूप राय चौधरी ने सोमवार को यहा कंपनी के कर्मचारियो को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी तेजी से क्षमता बढ़ाने के लिए अनेक परियोजनाओं पर काम कर रही है। उसकी योजना 2032 तक 1,28,000 मेगावाट क्षमता वाली बिजली कंपनी बनने की है। अभी कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 34,854 मेगावाट की है और देश भर में कंपनी कोयला आधारित 15 और गैस आधारित 7 बिजली संयंत्रों का परिचालन करती है। कंपनी की छह संयुक्त बिजली परियोजनाएं भी हैं।

कंपनी फिलहाल एकीकृत रूप से 40,000 मेगावाट क्षमता की विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है जिसमें से 14,000 मेगावाट कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इन बिजलीघरों से 2010-11 के दौरान 220.54 अरब यूनिट [बीयू] बिजली का उत्पादन किया गया जो कि देश में होने वाले कुल बिजली उत्पादन के 27 प्रतिशत से अधिक है। साथ ही यह देश में स्थापित कुल क्षमता का 18 प्रतिशत है। कंपनी ने सुधार के लिए कर्मचारियों से सलाह मांगी है। चौधरी ने कहा कि एनटीपीसी बेहतर नीति और प्रणाली को शामिल करने के लिए कर्मचारियों के सुझावों का स्वागत करती है। कंपनी ने बिहार में अपनी 390 मेगावाट की मुजफ्फरपुर ताप बिजली योजना के लिए भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम से 2,341 करोड़ रुपये हासिल करने के लिए हाल ही में समझौता किया है।

Related Posts: