• पेन ड्राइव

पेन-ड्राइव एक ऐसा उपकरण है, जिसका प्रयोग कम्प्यूटर-प्रयोक्ताओं के बीच बहुत अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है. पेन ड्राइव की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण शायद यह है कि इसमें एक फ्लॉपी या सीडी/डीवीडी से कहीं अधिक डेटा रखा जा सकता है, जबकि पेनड्राइव का आकार इनसे कई गुना कम होता है.

आकार छोटा होने के कारण इसे एक से दूसरे स्थान पर ले जाना भी बहुत सरल होता है. इसी कारण कई लोग अपने निजी व संवेदनशील डेटा को संचित करने के लिये भी पेनड्राइव का प्रयोग बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. अत: पेनड्राइव की सुरक्षा पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि डेटा की सुरक्षा भी इसी पर निर्भर करती है.

पासवर्ड की सुविधा भी

हालाँकि पेनड्राइव का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है, फिर भी अधिकांश यूजर्स बात से पूरी तरह अनजान हैं कि पेन ड्राइव व इसमें रखे को सुरक्षित रखने के लिये क्या किया जा सकता है. ऐसे अनेक सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं, जिनका प्रयोग करके हम किसी भी आम पेन-ड्राइव को पासवर्ड की सहायता से ‘लॉक’ कर सकते हैं, ताकि कोई अवांछित व्यक्ति इसमें रखे डेटा तक न पहुँच सके. इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पेन-ड्राइव चोरी हो जाने या गुम जाने पर भी आप इस बात को लेकर निश्चिंत बने रह सकते हैं कि यदि वह पेनड्राइव किसी अन्य व्यक्ति को मिल भी जाए, तब भी वह आपके डेटा तक नहीं पहुँच सकेगा और इसका गलत प्रयोग नहीं कर सकेगा.

पेन-ड्राइव को पासवर्ड सुरक्षा प्रदान करने वाले सॉफ्टवेयर भिन्न-भिन्न तकनीकों का प्रयोग करते हैं, परंतु इन सभी का उद्देश्य पेन ड्राइव में रखे डेटा को सुरक्षा प्रदान करना ही होता है. इनमें से अधिकांश सॉफ्टवेयर पोर्टेबल होते हैं, अर्थात इनका प्रयोग करने के लिये इन्हें सीधे पेनड्राइव में ही डालना आवश्यक होता है. इस तरह के पोर्टेबल सॉफ्टवेयरों को कम्प्यूटर में इन्स्टॉल करने की आवश्यकता नहीं होती. हालाँकि कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर भी हैं, जिनका प्रयोग करने के लिये उन्हें कम्प्यूटर में इन्स्टॉल करना आवश्यक होता है. इसके बाद उस कम्प्यूटर में पेन-ड्राइव में पासवर्ड डाला जाता है. अब इस पेन-ड्राइव का प्रयोग किसी भी कम्प्यूटर पर सुरक्षित रूप से किया जा सकता है.जब पासवर्ड-युक्त किसी पेन-ड्राइव को किसी भी कम्प्यूटर के यूएसबी (यूनिवर्सल सीरियल बस) पोर्ट में जोड़ा जाता है, तो सबसे पहले यह प्रयोक्ता से पासवर्ड प्रविष्ट करने को कहता है. यदि सही पासवर्ड दिया गया हो, तो ही वह प्रयोक्ता उस पेन-ड्राइव में रखे देटा तक पहुँच सकता है, अन्यथा डेटा को देख पाना या इस तक पहुँच पाना संभव नहीं होता. यहाँ तक कि ‘माय कम्प्यूटरÓ में जाकर भी पेन-ड्राइव के डेटा को पासवर्ड के बिना खोलकर नहीं देखा जा सकता. हाँ, यदि वह यूजऱ चाहे, तो उस पेन-ड्राइव फॉर्मेट अवश्य कर सकता है, परंतु उस स्थिति में भी वह उसमें रखे डेटा को हासिल नहीं कर सकेगा. पेन-ड्राइव के लिये पासवर्ड सुरक्षा प्रदान करने वाले कुछ सॉफ्टवेयर यूएसबी सिक्योर, एंड्रोसा फाइल प्रोटेक्टर, यूएसबी फ्लैश सिक्योरिटी, क्रिप्टेनर एलई (या क्रिप्टेनर मोबाइल), यूएसबी सेफगार्ड, यूएसबी वॉलेट, पेन गार्ड, पिक्सल बैरियर, हॉट स्पोट, पेन प्रोटेक्टर, सेफ हाउस एक्सप्लोरर, माय लॉक बॉक्स आदि हैं.

Related Posts: