नई दिल्ली, 23 अप्रैल. भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल आगामी योनेक्स इंडिया ओपन टूर्नामेंट से पहले जमकर अभ्यास में जुटी हैं क्योंकि इस खिलाड़ी का कहना है कि कभी-कभार वह अपने ही स्ट्रोक भूल जाती हैं.

राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की देखरेख में सिरीफोर्ट परिसर में अपने आक्रमण को और धारदार बनाने में जुटीं साइना ने कहा कि मैं कभी-कभार अपने स्ट्रोक्स भूल जाती हूं और इसलिए मुझे उनका लगातार अभ्यास करने रहना होता है. मैं दुर्भाग्य से कई अन्य प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों की तरह कलाई के (शॉटों के) साथ बहुत अच्छी नहीं हूं इसलिए मुझे कड़ा अभ्यास करना होता है. दो बार इंडोनेशियाई ओपन जीत चुकीं साइना ने कहा कि वह इंडिया ओपन खिताब हासिल करने के लिए बेताब हैं क्योंकि यह इकलौता सुपर सीरीज खिताब है जिसे वह घरेलू मैदान पर हासिल कर सकती हैं और यहां जीतने से उन्हें जुलाई में लंदन ओलंपिक के लिए लय में आने में मदद मिलेगी. ओलंपिक में पहले ही जगह बना चुकी इस भारतीय खिलाड़ी ने सिरीफोर्ट स्टेडियम में ही वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान स्वर्ण पदक जीता था और उनका कहना है कि उन्हें कल से क्वालीफायर्स के साथ शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है. साइना ने दो घंटे के अभ्यास सत्र के बाद संवाददाताओं से कहा कि इंडिया ओपन विशेष टूर्नामेंट है. यह वही स्टेडियम है जहां मैंने राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीता था.

और इससे मेरी सुहानी यादें जुड़ी हैं और मैं यहां सुपर सीरीज जीतना चाहती हूं. मेरे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है और मुझे यहां अच्छा प्रदर्शन का भरोसा है. उन्होंने कहा कि यह मुश्किल रहेगा क्योंकि यहां खेलने वाले कई शीर्ष खिलाड़ी ओलंपिक में भी भाग लेंगे और मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं ताकि ओलंपिक से पहले इंडोनेशिया और सिंगापुर में होने वाले दो टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन कर सकूं. ड्रा के बारे में पूछे जाने पर साइना ने कहा कि यह अच्छा ड्रा है, क्वार्टर फाइनल में टीन बाउन से खेलना है और उन्हें अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है. इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह पिछले साल दिसंबर से अच्छा खेल दिखा रही हैं और अब चीन के खिलाड़ी भी उनसे खेलते में डरते हैं.

Related Posts: