गजानन की भक्ति में डूबा शहर,  देर रात तक चला मूर्ति विसर्जन का सिलसिला

भोपाल 11 सितंबर नभासं. अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शहर गजानन की भक्ति में ऐसा डूबा की हर तरफ भगवान गणेश के जयकारे लगाता हुए भक्तों का हुजूम और प्रतिमा विसर्जन करने जाती हुई आकर्षक झांकियों के नजारे थे.

रविवार को गणेशोत्सव के समापन अवसर पर सुबह से ही भक्तों ने अपने भगवान को विदा करने और विसर्जन करने के लिए घाटों पर पहुंचना शुरू कर दिया था.  इसके पूर्व शनिवार को देर रात से अल सुबह तक झांकियों पर हवन और पूजन का सिलसिला चलता रहा. रविवार को सुबह से ही शहर के प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शीतलदास की बगिया सहित सभी जलाशयों में भक्तों का प्रतिमा विसर्जित करने के लिए आने का सिलसिला शुरू हो गया था.

पुराने शहर में सुबह से ही चल समारोह को ध्यान में रखकर ट्राफिक व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया था. शाम सात बजे के बाद झांकियों का चल समारोह मार्ग से निकलना शुरू हो गया. रात आठ बजे के बाद से बड़ी झांकियां भी चल समारोह में शामिल हो गई. इस दौरान चल समारोह के मार्ग में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने झांकियों को सम्मानित करने के लिए मंच बना रखे थे. मंच पर पुरुस्कार देने के लिए शील्ड आदि भी रखी थी. जिन्हें श्रेष्ठ झांकियों को प्रदान किया गया. नादरा बस स्टैंड पर पुलिस ने बेरिकेट़्स लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी. बस स्टैंड से लेकर पुराने शहर के जुमेराती, घोडा नक्कास, पीरगेट सहित पूरे मार्ग पर समारोह में शामिल होने आई आकर्षण झांकियों की एक झलक देखने के लिए श्रद्धालुगण रात भर मार्ग किनारे जमे रहे.

समारोह में शामिल होने के लिए राजधानी के अलावा विदिशा से भी कूछ झाकिया आईं. राजधानी के प्रमुख प्रेमपुरा घाट पर विसर्जन का सिलसिला शनिवार सुबह से शूरू होने के बाद देर रात तक जारी रहा. झांकियों की संख्या को देखते हुए विसर्जन सोमवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है. इधर राजधानी के अन्य घाट शीतल दास की बगिया, खटलापुरा सहित सभी अन्य घाटों पर नगर निगम पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने व्यवस्था संभाल रखी थी.

भेल में निकला चल समारोह
भेल क्षेत्र के रायसेन रोड से हथाईखेड़ा डेम तक आकर्षक चल समारोह निकला. चल समारोह कई स्थानों पर स्वागत किया गया. स्वागत के लिए प्रमुख रूप से सोनागिरी चौराहा और आनंद नगर चौराहे पर विशाल मंच बनाए गए थे. चल समारोह में 40 से अधिक झांकियां सम्मिलित हुई.

हथाईखेड़ा डेम पर प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला सुबह नौ बजे से ही प्रारंभ हो गया था, जो कि रविवार देर रात तक चलता रहा. शाम सात बजे से रायसेन मार्ग पर बड़ी संख्या में झांकियां निकलना शुरू हो गया, जिससे यातायात व्यवस्था अवरुद्ध हो गई. ट्राफिक को एक तरफ के मार्ग पर डायवर्ट करने के बाद ही स्थिति ठीक हो सकी. आकर्षक साज सज्जा के साथ चल समारोह में शामिल हुई झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या मेंं भक्तों का हुजूम रायसेन रोड के दोनों और देर रात तक मौजूद रहा.

सोनागिरी और आनंद नगर चौराहे पर बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी से नजारा गजानन की भक्ति से सराबोर रहा. हथाईखेड़ा डेम पर भी श्रद़्धालुओं की उपस्थिति से मेले सा माहौल रहा. विसर्जन करने आ रही झाकियों के अलावा सैंकड़ो की संख्या में भक्तों ने घरों में स्थापित कर रखी छोटी प्रतिमाओं को भी विसर्जित किया.

बैरागढ़ में हुआ विसर्जन
संत हिरदाराम नगर में विघ्र विनायक भगवान गणेश का दस दिवसीय पर्व सम्पन्न हुआ. सुबह 9 बजे से ही विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया था, जो कि देर रात तक जारी रहा और बड़ी संख्या में मूर्तियों का विसर्जन किया गया.
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य कृष्ण मोहन सोनी, अर्जुन मेघानी सहित नगर निगम के करीब 200 कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हुए थे. एक दर्जन नावों की व्यवस्था की गई थी, जबकि एक के्रन, 108 एम्बुलेंस नगर निगम के गोताखोर घाट पर मौजूद थे. जिला प्रशासन के एडीएम भी व्यवस्थाओं में जुटे थे.

गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से घाट गूंज रहा था. 10 दिवसीय भगवान गणेश का उत्सव के दौरान बैरागढ़ मेंं काफी चहल पहल रही जो कि रविवार को सम्पन्न हुई. उपनगर में वैसे तो एक दर्जन स्थानों पर बड़ी झांकियां बिठाई गई थी, लेकिन सबसे बड़ी झांकी जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रही नवयुवक प्रभात मंडली द्वारा बनाई गई झांकी थी जहां प्रतिदिन आरती में सम्मानित हस्तियों ने भगवान की आरती की और भगवान का आर्शीवाद लिया. उपनगर में करीब दो दर्जन स्थानों पर झांकियां लगाई गई थीं.

नवयुवक सभा, धोबी घाट, स्टेशन रोड, सराफा बाजार, मिनी मार्केट, ओल्ड डेयरी फार्म, हलालपुरा बस स्टैंड, लाउखेड़ी, कैलाश नगर में उत्सव की धूम रही. विसर्जन घाट पर सुबह से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला शाम पंाच बजे बढ़ गया. शाम को बड़ी संख्या में भक्तों का हुजूम चल समारोह निकालकर झाँकियों को ढोल ढमाकों के साथ बैरागढ़ विसर्जन घाट लाया गया जहां भगवान की प्रतिमा का विसर्जन किया गया.
रात आठ बजे कि 400 बड़ी झांकियां घाट पर विसर्जित की जा चुकी थीं. विसर्जन के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे इसके लिए ननि में चारों और बेरिकेट्स लगा रखे थे. विद्युत शाखा ने भी घाट पर रंग बिरंगी लाइट सजाई, जिससे पूरा घाट सफेद रोशनी से जगमगा रहा था. विसर्जन के कारण शाम छह बजे से रात दस बजे तक भोपाल इंदौर मार्ग का यातायात अवरुद़ध रहा.

इससे इंदौर की और जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना पड़ा. ग्रामीण क्षेत्र, परवलिया सड़क , गांधी नगर, खजूरी, फंदा, तूमड़ा, भौँरी, तारा सेवनियां इत्यादि क्षेत्रों में भी प्रतिमा के विसर्जन देर रात तक होता रहा.

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