अब तो हद ही हो गई, सीएम करें दखल

  • सदर मंजिल के सामने धरने की तैयारी,सौंपेंगे खून से लिखा ज्ञापन

भोपाल, 14 अक्टूबर.राजधानी में अतिक्रमण हटाने की गति जिस तरह से धीमी है.उसे लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है.भाजपा सत्ता में आने से पहले जिस प्रकार से शहर को सुंदर व व्यवस्थित बनाने का सब्जबाग दिखा रही थी वैसा अब कहीं नजर नहीं आ रहा.क्योंकि नगर भ्रमण करते रहे बाबूलाल गौर और सदर मंजिल के अफसरों को नगर के चप्पे-चप्पे की जानकारी है.

अगर इसके बाद भी हालात जस के तस बने हैं तो इसका मतलब साफ है कि उनकी अब शहर के व्यस्त व प्रमुख व्यायसायिक क्षेत्रों को सुंदर व आकर्षक बनाने में दिलचस्पी नहीं रह गई है.एम.पी.नगर जोन वन में आमेर पेलेस होटल के सामने बेतरतीब ढंग से बसाई गुमठियां इसकी कहानी खुद ब खुद कह रही है. 6 माह से अधिक होने को आए लेकिन तक इन गुमठियों को व्वसायिक क्षेत्र से हटाकर अन्यत्र बसाने की कार्रवाई शुरु नहीं कि जा सकी है.   आखिर जहां से अतिक्रमण हटने  की सूचना दी जाती है, वहां दूसरे दिन जस का तस अतिक्रमण क्यों दिखाई देने लगता है.ये सब कहीं न कहीं सदर मंजिल के अफसरों व अवैध रुप से गुमठियों का निर्माण व संचालनकत्र्ताओं की मिलीभगत से हो रहा है.जो कि इन गुमठी वालों से किराया और हफ्ता वसूलते हैं. राजधानी के प्रमुख चौराहे, बाजार एवं सार्वजनिक स्थल अतिक्रमण की चपेट में हैं.

सर्वाधिक दुर्दशा महाराणा प्रताप नगर की है, जहां बड़े-बड़े शोरूम और दुकानें हैं, वहां जबरदस्त अतिक्रमण है, जिसकी ओर नगर निगम का ध्यान नहीं जाता. क्षेत्र के व्यवसायी व रहवासियों ने नगरीय विकास मंत्री बाबूलाल गौर से मांग की है कि व्यवसायिक क्षेेत्र एम.पी. नगर जोन-वन में आमेर पेलेस होटल के सामने सड़क के उत्तरी व पूर्वी दिशा में रखी गुमठियों को तत्काल हटाएं अन्यथा मजबूर होकर सदरमंजिल और महापौर के बंगले के सामने धरना शुरु किया जाएगा.उन्होंने सुझाव दिया किं जिन दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है उन्हें नगर निगम ऐसी जगह स्थापित करे जहां से जनता को परेशानी नहीं हो और महाराणा प्रताप नगर क्षेत्र भी सुन्दर और स्वच्छ बना रहे.

गुमठियां आने के बाद से चोरी की वारदातें बढ़ी

एमपी नगर थाना क्षेत्र रेसीडेन्सी चौराहे से एमपी नगर चौराहे प्रेस कॉम्लेक्स क्षेत्र से अक्सर दो पहिया और चार पहिया वाहनों की चोरी जारी है. उक्त क्षेत्र में अज्ञात चोर वेखौफ वाहनों को चुराकर भाग निकलते है. यहां निर्सगा होटल के आसपास के क्षेत्र पर शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमघट लगना शुरू हो जाता है. इसके अलवा यहां की दुकानों पर भी असामाजिक लोगों का जमावड़ खड़ा नजर आता है. इन असामाजिक तत्वों की दखल एवं छींटा कसी का शिकार आफिस आने जाने वाली महिलाएं एवं विशेषकर युवतियां होती है. एमपी नगर जोन में प्रतिष्ठित व्यवसाई की दुकाने होटले और आईसक्रीम की दुकाने है. यहां असामाजिक तत्वों की दखलों के कारण उक्त व्यवसाईयों का धन्धा भी प्रभावित हो रहा है. विशेष वे प्रतिष्ठित होटलों में आने जाने से शरीफ घरों के परिवार के सादस्य गण आनेजाने से डरने लगे है. अगर यहा आ भी जाते है तो होटल में जाने के उपरांत उनको अपने वाहनों की चोरी का डर सताता रहता है. जिससे उनके आंनद लेने का मजा फीका पड़ जाता है.

यहा चोर वाहनों की चोरी करने से पहले या बाद में नम्बर प्लेट बदलकर बेखौफ भाग निकलते है. इस बात का खुलासा कुछ ही महीने पूर्व एक व्यवसाई की कार में लाखों रुपए से भरा चोर द्वारा कांच तोड़कर सूटकेस ले भाग निकलने की घटना के उपरांत एमपी नगर थाना पुलिस मामले की छानबीन के लिए घटना स्थल पर पहुची. तो थाना पुलिस को चोरी गए लाखों रुपए सूटकेस के अरोपी का सुराग नही मिला. लेकिन वहां एक लावारिस पड़ी लूना वाहन मिली  जिसकी जांच फड़लाल के बाद उक्त लूना गाड़ी से नम्बर प्लेटों का ट्रेउ मिला. इस तरह क्षेत्र एमपी नगर जोन वन क्षेत्र असामाजिक तत्वों तथा चोर उच्चकों का डेरा स्थल बन गया है. अगर समय रहते जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो निकट भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना घटित होने की आत से इंकार नहीं किया जा सकता है.

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