नई दिल्ली, पहलवान गीता ने रविवार को लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा. वह कजाखस्तान के अस्ताना में एशियाई क्वालीफाइंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचकर ओलंपिक में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी.

लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर चुके पहलवान अमित कुमार ने अपने गुरू महाबली सतपाल से वादा किया है कि वह लंदन ओलम्पिक खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतेगा. जाकिस्तान के अस्ताना में चल रहे एशिया ओलम्पिक क्वालीफायर मुकाबलों के 55 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले 19 बरस के अमित ने इन मुकाबलों के लिए रवाना होने से पूर्व अपने कोच महाबली सतपाल से कहा था कि वह न सिर्फ लंदन के लिए क्वालीफाई कर लेगा बल्कि चार माह बाद होने वाले ओलम्पिक खेलों का स्वर्ण पदक भी जीतेगा. महाबली सतपाल ने बताया कि अमित मेरे पास आठ साल पहले उस समय आया था जब केवल छठी क्लास में पढ़ता था. नरेला के पास के गांव नाहरी का यह बालक पिछले कुछ वर्षों में ही छत्रसाल स्टेडियम के चोटी के पहलवानों में शामिल हो गया.

यहां तक कि उसे बीजिंग ओलम्पिक के कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के साथ अभ्यास कराया जाने लगा और वह उनसे तकनीक सीखने लगा. सतपाल ने कहा कि समय के साथ साथ अमित के खेल में निखार आता गया उसने स्कूली स्तर पर जीत दर्ज करने के बाद विश्व केडिट, एशिया केडिट और एशियाई जूनियर में स्वर्ण जीतने के बाद पिछले साल सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया. इसके अलावा हाल ही में उसने अमेरिका में स्वर्ण पदक और ओलम्पिक ट्रायल में लगातार शानदार प्रदर्शन किया.

और पिछले माह कोरिया में आयोजित सीनियर एशियाई प्रतियातियोगिता में कांस्य पदक जीता.
सतपाल ने कहा कि ओलंपिक पदक के दावेदार अमित की खास बात यह है कि उसका डिफेंस इतना मजबूत है कि दुनिया के किसी भी पहलवान के लिए उसको भेदना आसान नहीं है. लेकिन अब हमने उसे आक्रमण करने का भी जम कर अभ्यास कराया है. उन्होंने कहा कि उसमें (अमित) आत्मविश्वास कूट कूट कर भरा है और मुझे तो पूरी उम्मीद है कि वह लंदन ओलम्पिक में पदक जरूर जीतेगा. ओलम्पिक क्वालीफायर मुकाबलों में अमित के अलावा रजत पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त ने भी क्वालीफाई किया है जबकि बीजिंग ओलंम्पिक के कांस्य पदक विजेता सुशली कुमार ने कांस्य पदक जीता लेकिन वह क्वालीफाई नहीं कर पाये. पदक जीतने वाले तीनों पहलवान छम्त्रसाल स्टेडियम के ही हैं और तीनों मिलकर अभ्यास भी करते रहे हैं.

सुशील कुमार के बारे में पूछने पर सतपाल ने कहा कि चीन में 27 से 29 अप्रैल को होने वाले तीसरे ओलम्पिक क्वालीफायर में उसके क्वालीफाई करने की पक्की उम्मीद है. कजाकिस्तान में फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत ने सभी सातों वजन वर्गों अपने पहलवान उतारे थे. ड्रॉ में सुशील को छोड़कर सभी अन्य को पहले दौर में बाई मिली और उसे जल्दी ही दूसरा मुकाबला लडऩा पड़ा. वह सेमीफाइनल में मेजबान देश के तानातोरोव से पराजित होने के पहले लगातार दो मुकाबले जीत चुका था अंतत उसने रिपेज मुकाबले में चीन के पहलवान को हरा कर कांस्य पदक जीता.

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