नई दिल्ली, 7 दिसंबर. लोकपाल बिल के ड्राफ्ट को लेकर कांग्रेस में फूट पड़ गई दिखती है. स्टैंडिंग कमेटी के तीन कांग्रेसी सदस्यों पी टी थॉमस, मीनाक्षी नटराजन और दीपा दासमुंशी ने पार्टी के रुख के विपरीत सिफारिश की है कि ग्रुप सी के कर्मचारियों को भी लोकपाल के दायरे में लाया जाए. इन तीनों सदस्यों ने लोकपाल के फाइनल ड्राफ्ट के साथ अपनी आपत्ति नत्थी की है. इससे स्टैंडिंग कमेटी के ड्राफ्ट के विरोध में विपक्ष के 12 सदस्यों के साथ तीन कांग्रेसियों का विरोध भी शामिल हो गया है.

स्टैंडिंग कमेटी ने फिलहाल रिपोर्ट को 15 डिसेंट नोट के साथ एडॉप्ट कर लिया है, जिसे शुक्रवार को संसद के हवाले कर दिया जाएगा. इसके बाद 19 से 22 तारीख तक लोकपाल पर बहस होगी. 22 दिसंबर शीत सत्र का आखिरी दिन भी होगा. यानी लोकपाल बिल इस सत्र में पास हो भी पाएगा या नहीं ये आशंका भी गहरा रही है. खुद अन्ना हजारे के मन में भी यही आशंका है.

मजबूत लोकपाल नहीं तो अनशन : अन्ना

अन्ना ने साफ कर दिया कि स्टैंडिंग कमेटी के ड्राफ्ट में रामलीला मैदान के अनशन के समय उनसे किए गए तीन वायदे व संसद में बनी आम-सहमति का ध्यान नहीं रखा गया है. इससे सरकार की मंशा पर शक होता है. अगर मजबूत लोकपाल बिल पास नहीं हुआ तो 27 दिसंबर से रामलीला मैदान में वे अनशन पर बैठेंगे.  और उसके बाद पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करेंगे.

Related Posts: