वनवासियों की उन्नति के लिये हो रहे प्रभावी प्रयास

भोपाल,17नवम्बर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि वनोपज पर वनवासियों का अधिकार है. उनके अधिकार का संरक्षण किया जाएगा. आदिवासियों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा. यह बात  चौहान ने आज लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित वन समितियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में कही. चौहान ने कहा कि प्रदेश में वनवासियों की उन्नति के लिये प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं.

जहाँ एक ओर वनवासियों को भू-अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं वहीं उनके युवाओं को हवाई जहाज उड़ाने का प्रशिक्षण देने और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति भी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार वन समितियों के माध्यम से आदिवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के गंभीर प्रयास कर रही है. वनोपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य की व्यवस्था लागू की गई है. बाँस की बिक्री का लाभ भी आदिवासियों को दिया जा रहा है. आदिवासी बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि को भी दोगुना कर दिया गया है. चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार की सारी व्यवस्थाएं गरीब, पिछड़े और जरूरतमंद लोगों के लिए है. उन्होंने कहा कि आम जनता ही हमारी भगवान है. इसी भावना के साथ निरंतर विकास के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने खेल प्रतियोगिता आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों में छुपी हुई प्रतिभाओं को सामने आने का मौका मिलता है. उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से ये प्रतिभाएं विश्व स्तर पर भी नाम रोशन कर सकती है.

उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों में बेटा-बेटी के जन्म में भेदभाव नहीं किया जाता है. इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं. उन्होंने उपस्थितों को बेटी बचाओ अभियान की शपथ दिलाई और कबड्डी और बॉलीवाल के विजेताओं को पुरस्कृत किया.वन मंत्री सरताज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों के सम्मान और इंसाफ के लिए पूरी ताकत से कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सभी क्षेत्रों में विकास के प्रयास हो रहे हैं. प्रदेश में पहली बार वनवासियों के बच्चों के लिए एकलव्य योजना शुरू की गई है, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्र को 500 रूपए से लेकर 50 हजार रूपए तक की छात्रवृत्ति का प्रावधान किया गया है. प्रारम्भ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित किया. वंदे मातरम्, म.प्र. गान का गायन हुआ. मुख्यमंत्री चौहान ने वन विभाग के 150 वर्षों पर आधारित विभाग की स्मारिका और मुख्य वन संरक्षक डॉ. एम.सी. शर्मा द्वारा डाक-टिकटों के संकलन और डाक विभाग द्वारा प्रकाशित नए आवरण का विमोचन किया. कार्यक्रम की रूपरेखा पर अपर प्रधान वन संरक्षक रवीन्द्र नाथ सक्सेना ने प्रकाश डाला.

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