सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र का दर्जा जुदा बात

इस्लामाबाद, 3 नवंबर. पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि एमएफएन ठीक पर कश्मीर नीति में रत्ती मात्र बदलाव नहीं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि भले ही भारत को ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा दे दिया गया है, लेकिन कश्मीर पर पाकिस्तान के दृष्टिकोण में परिवर्तन नहीं हुआ है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री फिरदौस आशिक अवान के अनुसार गिलानी ने मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर पर अपना समर्थन जारी रखेगा.

भारत को एमएफएन का दर्जा देने से राष्ट्रीय दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं होगा. अवान ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर पर अपने दृष्टिकोण से कभी नहीं डिगेगा और कश्मीरियों को दृढ़ता से राजनीतिक, नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देना जारी रखेगा. समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान के दृष्टिकोण में परिवर्तन का प्रश्न ही नहीं उठता. चीन का उदाहरण देते हुए अवान ने कहा कि चीन एवं भारत ने सीमा विवादों के बावजूद हाल के वर्षो में द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि की है.पाकिस्तान ने बुधवार को भारत को एमएफएन का दर्जा दे दिया.

कश्मीर मुद्दा उठाने पर तुर्की ने माफी मांगी
इस्तांबुल. संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए तुर्की ने माफी मांगी है। इससे पहले भारत ने उससे इस मामले पर नाखुशी जताई थी। विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने  तुर्की के अपने समकक्ष अहमत दावुतोगलू से मुलाकात के दौरान कृष्णा ने अपने समकक्ष को भारत की ‘हैरानी और नाखुशी’ से अवगत कराया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का उल्लेख किया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, भारत ने तुर्की को अपनी हैरानी  और अप्रसन्नता से अवगत कराया। भारत ने तुर्की से कहा कि कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है और वहां एक लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार है। अपने देश के रुख को स्पष्ट करते हुए तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का नाम लेने का मकसद इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय रूप देना नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा, अगर इससे भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो हम माफी चाहते हैं।

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