नई दिल्ली, 28 नवंबर. खुदरा व्यापार क्षेत्र में एफडीआई की मंजूरी के विरोध समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष सहित विभिन्न दलों के हंगामे के कारण सोमवार को संसद के दोनों सदनों राज्यसभा व लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

खुदरा बाज़ार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर सरकार को तीखे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। संसद से लेकर सड़क तक केंद्र की यूपीए सरकार के मल्टी ब्रैंड रिटेल में 51 फीसदी और सिंगल ब्रैंड रिटेल में 100 फीसदी की इजाजत देने के कैबिनेट के फैसले को वापस लिए जाने की मांग उठाई जा रही है।  वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर एफडीआई के फायदे गिनाने के अलावा यह आश्वासन भी दिया है कि भारत में स्टोर खोलने वाली विदेशी कंपनियों को छोटे उद्योगों से 30 फीसदी माल की खरीदारी करनी होगी। उधर प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने इस मामले पर राष्ट्रपति से भेंट की।

  •  सहयोगी भी बिफरे

केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ न सिर्फ विपक्षी पार्टियां बल्कि अपनी ही पार्टी के नेता और सहयोगी खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। यूपीए गठबंधन की अहम सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बाद अब डीएमके ने भी रिटेल सेक्टर में एफडीआई की इजाजत को वापस लेने की मांग की है। पार्टी सुप्रीमो करुणानिधि ने खुदरा बाज़ार में विदेश निवेश की इजाजत दिए जाने को गलत बताया है। कांग्रेस के भीतर से भी इस मुद्दे पर विरोध के सुर तेज होने लगे हैं। केरल कांग्रेस के अध्यक्ष रमेश चेन्नीतला ने भी सरकार से इस फैसले को वापस लेने की अपील की है। रमेश ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है।

  •  आम  व्यापारी सड़कों पर उतरे

यूपीए के खुदरा बाज़ार में विदेशी निवेश की इजाजत दिए जाने के फैसले के खिलाफ कई शहरों में छोटे और मझोले कारोबारी सड़कों पर उतर गए हैं। दिल्ली और जयपुर में व्यापारी इस फैसले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में व्यापारियों ने केंद्र के इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर लोगों से प्रतीकात्मक तौर पर भीख मांगी। वहीं, मुरादाबाद में भी व्यापारियों ने इसी मुद्दे पर सड़कों पर उतरकर गुस्से का इजहार किया है। झारखंड की राजधानी रांची में सब्जी विक्रेताओं ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में प्रदर्शन किया था। उन्होंने खुदरा श्रंखला वालमार्ट के पुतले भी जलाए। रांची सब्जी विक्रेता संघ ने इस फैसले के विरोध में कहा, खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के बाद सब्जी विक्रेता कहां जाएंगे? खुदरा दुकानों के खुल जाने से हम पहले से ही समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

  •  गैर कांग्रेसी प्रदेश सरकारें विरोध में

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री ने भी कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के रिटेल सेक्टर में एफडीआई की इजाजत की आलोचना की है। झारखंड में बीजेपी ने सोमवार को राजभवन के सामने धरना दिया। झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा, हम खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का विरोध करते हैं। इससे किसानों और सब्जी विक्रेताओं के हित प्रभावित होंगे। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि उनके सूबे में विदेशी कंपनियों को खुदरा कारोबार में उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

  •  पीएम राष्ट्रपति से मिले

संसद में एफडीआई पर जारी गतिरोध के अलावा अहम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। दोनों ने करीब 40 मिनट तक बातचीत की। राजनीतिक दलों के तीखे तेवर को देखकर इस बात की बहुत कम संभावना दिखती है कि इस मुद्दे पर बिना फैसला वापस लिए या प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डालने के अलावा किसी तरह से एकराय कायम की जा सकती है।

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