बैरागढ़ 29 जून (संवाददाता)  राजधानी के फंदा विकास खंड के अंतर्गत कई शासकीय स्कूलो में पिछले 10 – 15 वर्षो से एक ही स्थान पर कई शिक्षक शिक्षिकाएं जमे हुए है इसकी वजह से बच्चो का शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है.

हालांकि प्रदेश सरकार शिक्षा का स्तर उठाने के प्रयास कर रही है इसके बाद भी शिक्षको के वर्षो से जमा होने से उनके होसले बुलंद है. पिछले वर्ष भी परीक्षा परिणाम काफी खराब आया था इस वर्ष भी नवी, दसवी का जो परीक्षा फल आया उसमे भी कई बच्चे फेल हुए है. लेकिन जिला शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षक शिक्षिकाओं को हटा नहीं पा रहा है. जो वर्षो से कुर्सी पर जमे हुए है. कई स्कूलो के हाल इतने बेकार है कि स्कूल समय पर खुलते ही नहीं अगर खुलते भी है तो टीचर गप्पे मारते है और उन्हे बच्चो को पढाने में कोई ध्यान नहीं रहता. उधर जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है. जिससे भ्रष्ट शिक्षक शिक्षिकाओ पर नियंत्रण किया जा सके.

राजधानी के संकुल केन्द्र परवलिया सडक, गांधीनगर, फन्दा, तूमडा, ईटखेडी सडक, मुगालिया छाप इत्यादि शासकीय मीडिल व हाईस्कूलो में वर्षो से शिक्षक शिक्षिकाए जमे हुए हैै. उन्हे हटाए जाने की मांग ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस व जिला शिक्षा अधिकारी से की है और कहा कि ऐसे शिक्षक शिक्षिकाओं को हटाया जाये जो बच्चो के पढाने में रुचि नहीं रखते. उधर खजूरी सडक सरदार वल्लभ भाई पटेल मिडिल स्कूल में प्रधानाध्यापक दिनेश पांडे भी 15 वर्षो से जमे हुए है. जिन्हे हटाए जाने की मांग गांव के चांद सिंह मेवाडा राम सिंह चौहान, अर्जुन बाबा, मोतीराम ने जिला कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव व शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस से की है. और कहा है कि विकासखंड फंदा में अधिकतर शासकीय स्कूलो में ऐसे कई शिक्षक शिक्षिकाएं है जिन्हे एक ही स्थान पर जमे हुए है. इससे शिक्षा का स्तर बिगडता जा रहा है.

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