नई दिल्ली, 19 मार्च. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने यूपी के अमरोहा में एक मंत्री के स्वागत में फायरिंग पर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यूपी के मंत्रियों को चेताया है कि वे आगे से इस तरह की घटनाओं को न दोहराएं. मुलायम ने यूपी सरकार के मंत्रियों को नसीहत देते हुए कहा कि वे अपने समर्थकों को संभालें और इस तरह की घटनाएं न होने दें.

गौरतलब है कि अमरोहा से विधायक महबूब अली को यूपी सरकार में कपड़ा मंत्री बनाया गया है. शपथ ग्रहण के बाद जब वह अपने चुनाव क्षेत्र के लिए मुरादाबाद वापस लौटे, तो उनके समर्थकों ने उनके स्वागत में जमकर फायरिंग की. अमरोहा पहुंचने पर उनके कई और हथियारबंद समर्थक काफिले के साथ जुड़ गए. शहर से गुजरते हुए मंत्री के काफिले में शामिल एसपी समर्थक हथियार लहराते हुए फायरिंग कर रहे थे. समाजवादी पार्टी (एसपी) के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने केन्द्र की यूपीए सरकार में शामिल होने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि एसपी का केन्द्र सरकार में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. यादव ने कहा, केन्द्र सरकार में शामिल होने की केवल अटकलबाजियां चल रही है जबकि सच तो यह है कि एसपी को न तो केन्द्र में शामिल होने के लिए बुलाया गया है और न ही हमारी तरफ से ही कोई अनुरोध किया गया है.

एसपी चीफ ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को केन्द्र की यूपीए सरकार में शामिल होना होता तो पहले ही शामिल हो जाती, अब साल डेढ़ साल के लिए हम क्यों शामिल होंगे ? यूपीए सरकार में एसपी के शामिल होने की कोई योजना नहीं है. एसपी ने यूपीए सरकार को केवल सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से बाहर रखने के लिए समर्थन दिया है, जो आगे भी जारी रहेगा. रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुलायम सिंह ने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक मामला है. इस मामले पर वह कोई टिप्पणी करना उचित नहीं समझते. यह पूछे जाने पर कि क्या प्रदेश का बिहार और गुजरात की तर्ज पर विकास किया जाएगा, यादव ने कहा कि देश का कोई भी राज्य हमारे लिए आदर्श नहीं है. हमारी सरकार अपने घोषणा-पत्र के अनुरूप ही काम करेगी. तीसरे मोर्चे के गठन के सवाल पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बात नहीं चल रही है.

हां, अखिलेश यादव के शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रमुख दलों के नेता या उनके प्रतिनिधि जरूर शामिल हुए थे लेकिन, इसको तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद न समझा जाए. बीएसपी शासन काल में एसपी कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचार और उन पर दर्ज मुकदमों को हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि इस संबंध में उनकी सरकार विचार कर रही है.

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