नई दिल्ली, 1 जनवरी. आधी-अधूरी तैयारियों के बावजूद सरकार ने 1 जनवरी से देश के केवल 20 जिलों में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम लॉन्च कर दिया है। पहले इसे 51 जिलों में इसे शुरू करने का प्लान था।
देश के 20 जिलों में 2 लाख लोगों के बैंक खाते में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद 1 फरवरी से 11 और जिलों को इस स्कीम के दायरे में लाया जाएगा। बाकी के 12 जिले 1 मार्च से कवर किए जाएंगे। इस बारे में फाइनैंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार इस स्कीम को लेकर बेहद सावधानी बरत रही है और इसके हर फेज पर नजर रखी जाएगी। फूड, फर्टिलाइजर और केरोसीन के लिए डायरेक्ट सब्सिडी ट्रांसफर के बारे में अभी नहीं सोचा जा रहा है। इस पर फैसला लेने में अभी वक्त लगेगा, क्योंकि यह काफी गंभीर मसला है।
सरकार गुजरात और हिमाचल प्रदेश के 8 जिलों के लिए डायरेक्ट ट्रांसफर स्कीम के लिए बेसिक फ्रेमवर्क नहीं तैयार कर पाई है, इसलिए शुरुआत में 43 जिलों में ही इसे लॉन्च करने की योजना है। सभी 26 स्कीम रोलआउट के लिए तैयार हैं। 1 जनवरी को जिन सात स्कीम्स में भुगतान (सेलेक्टेड 20 जिलों के) करना बाकी है, डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर सिस्टम के जरिए वहां पेमेंट कर दिया जाएगा।
इसके लिए यूआईडीएआई प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। 1 जनवरी से जिन सात स्कीम्स को भुगतान के तैयार किया गया है, उनमें एससी, एसटी और ओबीसी के लिए प्री और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, इंदिरा गांधी मातृत्व सहायता योजना, धनलक्ष्मी स्कीम और एससी-एसटी बेरोजगारों के लिए स्टाइपेंड शामिल हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों के पास आधार नंबर न होने पर भी उनके बैंक खातों में सब्सिडी भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों या हफ्तों में हमारा मकसद 100 फीसदी आधार लाभार्थियों तक पहुंचना है। सरकार विदड्रॉल अरेंजमेंट को मजबूत बनाने के लिए बैंकिंग सिस्टम को भी तैयार कर रही है। चिदंबरम ने बताया कि इन 43 जिलों की 7,900 बैंक ब्रांचेज़ में ऑनसाइट एटीएम होंगे। बैंकों ने 20 लाख इंटर-ऑपरेबल माइक्रो-एटीएम के टेंडर भी मंगाए हैं। इनमें बायोमीट्रिक स्कैनिंग और आधार अथॉन्टिकेशन के लिए फसिलिटीज़ होंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि शुरुआत में इस स्कीम को चलाने में कुछ तकनीक दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन जो अधिकारी इसकी देख-रेख में लगे हुए हैं, वे धीरे-धीरे इन्हें दुरुस्त कर लेंगे।
खेल खराब करेगी कैश सब्सिडी : भाजपा
गरीबों के बैंक खातों में राजसहायता की नगदी का सीधे अंतरण किए जाने की योजना को भाजपा ने जल्दबाजी में और ज्वलंत समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने का कदम बताया। कांग्रेस इसे ‘गेम चेंजर’ योजना बता रही है व यह सत्तारूढ़ दल का ही खेल खराब करने वाली साबित होगी। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल गरीबों को राजसहायता का नगदी के रूप में सीधे अंतरण किए जाने के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना तैयारी के इसे जिस जल्दबाजी से लागू किया गया है उसे लेकर उसे सरकार की नीयत पर शक है। अभी न न तो गरीबी रेखा के मापदंड पर सरकार में एक राय है, न सभी गरीबों के बैंक खाते खुले हैं और न न ही सबके आधार कार्ड बने हैं।
इससे साफ है कि कांग्रेस नीत सरकार का असल मकसद गरीबों तक उनका वाजिब हक पंहुचाना नहीं है, बल्कि उसका इरादा 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ उठाना है। कांग्रेस इस योजना को ‘ गेम चेंजर (खेल पलटने वाला) बता रही है। उसे लगता है कि इसे आधा अधूरा लागू कर देने से ही लोग मंहगाई, भ्रष्टाचार, घोटाले और महिलाओं के साथ कदाचार आदि की बातें भूल जाएंगे और उसके पक्ष में मतदान करेंगे।Ó इसे कांग्रेस की कोरी गलतफहमी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कथित खेल पलटने वाली योजना ‘कांग्रेस का खेल ही पलट देने वाली साबित होगी। यह बात अब किसी से छिपी नहीं है कि कांग्रेस का खेल अब खराब हो चुका है। गरीबों की आंखों में धूल झोंकने की योजनाओं से उसे कोई फायदा होने वाला नहीं है।Ó शाहनवाज ने कहा कि उक्त तमाम कमियों के अलावा गरीबों के बैंक खातों में राजसहायता की नगदी के सीधे अंतरण की योजना ‘फूल प्रूफÓ (त्रुटि रहित) नहीं है। इससे कांग्रेस को लाभ की बजाय उसे नुकसान होने के ज्यादा आसार हैं।

