P-Chidambaramसिंगापुर, 24 जनवरी. वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि बहुत अमीर लोगों पर थोड़ा अधिक टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए। पिछले दो दिनों में विदेशी निवेशकों के साथ अपनी बैठक में चिदंबरम एक स्थायी टैक्स व्यवस्था पर जोर देते रहे हैं।

मैं स्थायी टैक्स दरों में विश्वास करता हूं। हालांकि, मुझे यह मानना होगा कि ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था और सरकार को और संसाधनों की जरूरत है, तब बहुत धनी लोगों को स्वेच्छा से थोड़ा अधिक भुगतान करना चाहिए। चिदंबरम ने कहा, इसका मतलब यह नहीं है कि टैक्स की दर स्थायी नहीं होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमारी टैक्स की दरों में स्थायित्व होना चाहिए, लेकिन हमें इस बहस पर विचार करना चाहिए कि क्या बहुत धनी लोगों को कुछ मौकों पर थोड़ा अधिक भुगतान करने को कहा जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, यह उनका विचार नहीं है, बल्कि एक चर्चा है जो मैंने सुनी है और मैं इसे दोहरा रहा हूं। अगले महीने पेश किए जाने वाले बजट पर चिदंबरम ने कहा कि चुनाव को ध्यान में रखकर बजट नहीं बनाया जाता। चुनाव बजट से 14 महीने दूर है। बजट एक जिम्मेदार बजट होगा।

अधिक कर, सही कदम

दावोस. बड़े अमीरों और धन कुबेरों पर अधिक कर को लेकर जारी बहस के बीच विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने इसे ‘राजनीति’ रूप से सही बताया है लेकिन सरकार की तरफ से इस प्रस्ताव पर अमल किए जाने को लेकर शंका जताई है।

प्रेमजी ने विश्व आर्थिक मंच की सालाना बठक में कहा, यह राजनीतिक रूप से सही कदम लगता है, लेकिन मुझे नहीं पता कि यह वास्तव में आएगा। यह इसपर निर्भर करता है कि वे किस दर से शुरू करते हैं, लेकिन जहां तक धन कुबेर (सुपर रिच) का सवाल है मेरी राय में यह हमारे जैसे गरीब देश में यह सही कदम होगा।

10 लाख पर है 30 फीसदी

देश में फिलहाल दो लाख रुपए सालाना आय करमुक्त है, दो से पांच लाख रुपए तक की सालाना आय पर 10 प्रतिशत, पांच से दस लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत और दस लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाता है। पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन सहित अनेक विशेषज्ञों ने धन कुबेरों पर अधिक कर लगाने की जरूरत को रेखांकित किया है।

अमेरिका में हुआ है ऐसा

अमेरिकी संसद ने हाल ही में बड़े धनी नागरिकों पर अधिक कर लगाने को मंजूरी दी है, उसके बाद से ही भारत में भी बड़े अमीरों पर अधिक कर लगाने की चर्चा चल पड़ी है।

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