वाशिंगटन। अमेरिका में बनी इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स के खिलाफ पाकिस्तान में उग्र प्रदर्शनों को शांत करने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने विज्ञापन और सोशल मीडिया का सहारा लिया है। पाकिस्तान में दिखाए जा रहे विज्ञापनों में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन शांति की अपील कर रहे हैं।

ओबामा ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से अमेरिका ही एकमात्र देश है जो सभी धर्मो का सम्मान करता है। हम दूसरों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले प्रयासों की निंदा करते हैं। वहीं हिलेरी ने कहा कि यह घिनौनी फिल्म अमेरिकी सरकार की ओर से नहीं बनाई गई है। फिल्म की निंदा करते हुए वह इसमें दिए गए संदेश को खारिज कर रही हैं। यह विज्ञापन कई एफएम रेडियो पर भी प्रसारित किया जा रहा है। 30 सेकेंड के उस विज्ञापन को पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने जारी किया है।

पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे विज्ञापनों पर अमेरिका ने 70 हजार डॉलर [करीब 37.72 लाख रुपये] खर्च किए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा, ये विज्ञापन इसलिए जारी किए गए हैं ताकि पाकिस्तान की जनता राष्ट्रपति का संदेश सुन सके। अमेरिकी प्रशासन ने यूट्यूब पर जारी किए गए वीडियो में आम अमेरिकियों को इस फिल्म की निंदा करते हुए दिखाया गया है। नूलैंड ने कहा कि टीवी विज्ञापनों का इस्तेमाल पूर्व में अन्य देशों में किया गया है। 2005 में पाकिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भी विज्ञापनों को जारी किया गया था। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह विज्ञापन और वीडियो अन्य देशों में दिखाया जाएगा या नहीं। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान के हालातों पर नजर रखी जा रही है।

श्रीनगर और अनंतनाग में निषेधाज्ञा लागू

श्रीनगर. अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी वीडियो के कारण मचे बवाल पर प्रशासन ने श्रीनगर और दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में निषेधाज्ञा लागू कर दी है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुराने श्रीनगर शहर में पांच थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगा कर चार या अधिक लोगों के एक ही स्थान पर एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है. उन्होंने बताया कि दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग शहर में भी निषेधाज्ञा लगाई गई है. अनंतनाग में इस्लाम विरोधी वीडियो के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे. सूत्रों ने बताया कि शहर और घाटी के अन्य भागों के संवेदनशील इलाकों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ओैर अर्धसैनिक बलों के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है.

उन्होंने कहा कि हालांकि आज हड़ताल का कोई आह्वान नहीं किया गया है लेकिन घाटी में और अन्य स्थानों पर बाजार बंद रहे और सड़कों पर वाहन भी नहीं चले. हुर्रियत कान्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने शुक्र वार की नमाज के बाद ईश निंदा की इस कार्रवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है. उन्होंने आज पूर्वाह्न ग्यारह बजे दो मिनट के लिए काम नहीं करने का भी आह्वान किया था. राज्य प्रशासन ने घाटी में शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षण संस्थाओं को बंद करने के साथ साथ कई अन्य कदम भी उठाए हैं.

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