इस्लामाबाद, 9 जुलाई. पाकिस्तान में संसद और सरकार के समक्ष खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) की जवाबदेही तय करने से जुड़ा एक विधेयक संसद के ऊपरी सदन ‘सीनेट’ के पास भेजा गया है। यह विधेयक संसदीय निगरानी के तहत आईएसआई को नियंत्रित करने के राष्ट्रपति भवन के प्रयास का हिस्सा है।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने कुछ दिन पूर्व संसद के ऊपरी सदन या सीनेट को 19 पृष्ठों का मसौदा विधेयक सौंपा और इस विधेयक पर आज से शुरू हो रहे सत्र में चर्चा हो सकती है। सत्तारुढ़ पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी में मौजूद सूत्रों ने  बताया कि गठबंधन सरकार के घटक दलों के साथ इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हुई है।  प्रस्तावित इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस एजेंसी (संचालन, शक्तियां और नियमन) विधेयक 2012 में कहा गया है कि शक्तिशाली खुफिया एजेंसी संसद और प्रधानमंत्री के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। इसमें एजेंसी के भीतर आंतरिक जवाबदेही और बेहतर अनुशासन प्रणाली की सिफारिश की गई है। यह पहली बार है जब पिछले साल पाकिस्तानी सीमा में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने पर कड़ी आलोचना की शिकार आईएसआई के मामलों को नियंत्रित करने के लिए गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। कानून के जानकारों ने संसद के प्रति आईएसआई को जवाबदेह बनाने के प्रयासों और ‘लापता लोगोंÓ या बिना आरोप के सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों के मुद्दे पर ध्यान देने की सराहना की।

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