वाशिगटन/इस्लामाबाद, 13  अप्रैल. अमेरिका ने पाकिस्तानी संसद की ओर से अमेरिका-पाक संबंधों के दिशानिर्देशों को मंजूरी देने के बीच बेहद सावधानीपूर्वक बयान जारी करके उसके साथ स्थाई, सामरिक और स्पष्ट रूप से परिभाषित संबंध की इच्छा जताई है.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने कहा, ‘हम पाकिस्तान के साथ एक ऐसा संबंध चाहते हैं जो स्थाई, सामरिक और अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित हो. हमें इस नीति सिफारिशों के बारे में पाकिस्तान के साथ चर्चा का इंतजार है और हम उसके साथ साझा हितों को लेकर लगातार संपर्क में रहना चाहते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि पाकिस्तानी संसद ने अमेरिका, नाटो, आईएसएएफ के साथ संबंधों की संशोधित शर्तो के दिशानिर्देशों और आम विदेश नीति को मंजूरी दी है. संसद ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की जिस गंभीरता से समीक्षा की है उसका हम सम्मान करते हैं.’

इससे पहले अमेरिका के साथ परेशानियों से भरे अपने संबंधों को फिर से कायम करने के लिए पाकिस्तानी संसद ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया. प्रस्ताव में पाकिस्तानी संसद ने अमेरिकी ड्रोन हमलों को तत्काल रोकने और नाटो के एक हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने पर माफी मागे जाने की माग की. नेशनल एसेंबली और सीनेट की संयुक्त बैठक में प्रस्ताव को 14 संशोधनों के साथ स्वीकार कर लिया गया. अमेरिका के साथ संबंध और पूरी विदेश नीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा की संसदीय समिति ने ए अनुशसाएं की हैं.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस कदम से पिछले साल नाटो हमले के बाद बंद पड़े आपूर्ति मार्गो को फिर से खोलने के लिए रास्ता तैयार करना है. हालाकि ज्यादातर सिफारिशें अमेरिका, नाटो, और आईएएसएफ के साथ पाकिस्तानी संबंधों को लेकर था लेकिन कुछ में भारत के साथ रिश्तों और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया. प्रस्ताव में रेखाकित किया गया कि भारत अमेरिकी असैन्य परमाणु समझौते से क्षेत्र का सामरिक संतुलन बदला है और इसमें पाकिस्तान से अमेरिका और अन्य देशों से ऐसा ही समझौता करने की माग की गई है.

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