अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि पाकिस्तान काश्मीर में भारत के विरुद्ध आतंकवादियों का प्रयोग कर बहुत बड़ी गलती कर रहा है. उसका ऐसा  समझना है कि ये आतंकवादी केवल पड़ोसी इलाकों में ही हमला करेंगे. लेकिन अब इसका उल्टा भी हो रहा है. पाकिस्तान में भी आतंकवादियों के हमले बढ़ते जा रहे हैं. जहां मुंबई में ताज व ओबेराय ट्रीडेन्ट होटलों पर आतंकी हमले हुए थे.

वहीं पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक 5 स्टार होटल पर विस्फोटक पदार्थों से लदा हुआ ट्रक टकरा कर उसे पूरा जला दिया गया. वहां धार्मिक कट्टरता अब शिया मुसलामान के खिलाफ भी खुंरेजी में बदल गयी है. शिया तीर्थ यात्रियों से भरी बस को रोककर सभी शियाओं के एक लाइन से खड़ा कर सुन्नी आतंकवादियों ने गोली से उड़ा दिया. अब वहां मुसलमानों के विभिन्न फिरकों में भी सामूहिक हमला व हत्याएं हो रही है.
ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के बाद अमेरिका अफगानिस्तान से 2014 तक हटना चाहता है. भारत ने उसे चेताया है कि ऐसा करने से वहां सरकार का खात्मा और आपसी टकराहट उसी तरह हो जायेगी जैसा कि वहां से सोवियत संघ की फौजे हटने के बाद हो
गया था.

हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमेरिका यह चाहता है कि पाकिस्तान की सत्ता में स्थाईत्व आ जाए और वहां से अमेरिका के खिलाफ कोई हमला न हो साथ ही अमेरिका का यह उद्दश्ेय है कि अफगानिस्तान में भी शासन इतना स्थाई है कि वह अपना शासन शांति से चला सके. पाकिस्तान आतंकवाद के बहुत ही खतरनाक रास्ते पर चल पड़ा है.
अफगान सीमा पर पाक स्थित आतंकवादियों का जमावड़ा बहुत ज्यादा होता जा रहा है और अफगानिस्तान पर भी आतंकी व पाकिस्तान के फौजी हमले हो रहे हैं. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि इससे दोनों देशों के बीच युद्ध भड़क सकता है.

अमेरिका ने कहा है कि उसके पास इस बात का पक्का सबूत है कि हक्कानी आतंकवादी गुट पाक की खुफिया एजेंसी का ही एक अंग है और पाकिस्तान उससे भारत व अफगानिस्तान में अमेरिकी नेतृत्व में नाटो फौजों पर हमले करवा रहा है. अमेरिका ने यमन में भी अल तालिबान के आतंकी अवलाजी को भी मार गिराया है. इस बात की संभावनाएं बन रही है कि काफी समय पूर्व ही घोषित की जा चुकी अमेरिकी नीति के अनुसार पाकिस्तान में संचालित हो रहे आतंकवादी संगठनों पर अमेरिका सीधी फौजी कार्यवाही करें. पाकिस्तान में आतंक को खत्म करके ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान व भारत में शांति व्यवस्था कायम की जा सकती है. शिया प्रधान राष्ट इरान भी शियाओं के दमन के कारण पाकिस्तान में सुन्नी आतंक का दमन चाहता है.

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