इसलामाबाद, 26 जुलाई. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ को अस्थायी रूप से थोड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को दोबारा खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को लिखने के लिए दी गई समय सीमा आठ अगस्त तक बढ़ा दी है. गौरतलब है कि इसी मामले में पूर्व प्रधानमंत्री गिलानी को पीएम पद गंवाना पड़ा था.

शीर्ष कोर्ट ने इससे पहले प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को दोबारा खोलने के लिए 25 जुलाई तक का समय दिया था. बुधवार को सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल इरफान कादिर ने आग्रह किया कि मामले को ईद तक टाल दिया जाय पर पांच सदस्यीय पीठ ने इस आग्रह को अस्वीकार कर दिया. जस्टिस आसिफ सईद खान खोसा की अगुवाई वाली पीठ ने मामले को दो सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया. कादिर ने खोसा के पीठ में मौजूद होने पर भी आपत्ति जताई और उन पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने खोसा को केस से हटने की भी मांग की लेकिन पीठ ने इसे भी खारिज कर दिया.

खोसा ने कहा, ‘जज कुछ भी ऐसा नहीं करते जिससे देश को नुकसान हो या लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कोई खतरा हो.’ उन्होंने कहा कि जज भी दूसरों की तरह राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं. दरअसल अदालत चाहती है जरदारी मामले में सरकार स्विस अधिकारियों से संपर्क करें जबकि सरकार राष्ट्रपति को मिली छूट का हवाला देकर इससे बचती रही है. एक दिन पहले 24 जुलाई को ही सरकार ने अदालत को सूचना दे दी कि कैबिनेट ने इस मामले पर कोई निर्णय नहीं लिया है. सरकार की ओर से फैसले की समीक्षा के लिए दायर याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी.

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