नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर 7 सितंबर को हुए ब्लास्ट के लिए बम दो पाकिस्तानी नागरिकों ने रखा था। यह खुलासा किया है इस साजिश के मास्टरमाइंड वसीम अकरम मलिक ने। मलिक ने कबूल किया कि हाई कोर्ट के बाहर ब्लास्ट, संसद पर हुए हमलों में पकड़े गए आतंकी अफजल गुरु को फांसी की सजा से बचाने के लिए छेड़े गए ऑपरेशन का हिस्सा था।

सूत्रों के मुताबिक, वसीम ने दोनों हमलावरों की पहचान लाहौर के सैफुल्लाह और बिलाल के रूप में की है। वसीम ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन दोनों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। हालांकि, उसने उन दोनों हमलावरों के किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने के बारे में कुछ नहीं बताया है। केस की जांच कर रही एनआईए टीम और जम्मू-कश्मीर पुलिस को इन दोनों हमलावरों के लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की संभावना है।

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