रावलपिंडी, 23 जनवरी. प्रतिबंधित संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद ने भारत को व्यापार के लिहाज से सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा देने के पाकिस्तान के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह देश के लिए अमेरिका से ज्यादा बड़ा खतरा है।
आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के संस्थापक सईद ने दफा ए पाकिस्तान परिषद द्वारा यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अमेरिका से ज्यादा बड़ा खतरा भारत से है। उसने आरोप लगाया कि क्षेत्र में भारत का प्रभुत्व कायम करवाने के लिए पाकिस्तान सरकार अमेरिका के साथ मिलकर साजिश रच रही है। भारत को एमएफएन देश का दर्जा देना इसी साजिश का हिस्सा है। सईद ने कहा कि हमें इस साजिश का विरोध करना होगा। हम प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी से मांग करते हैं कि वह अमेरिका की आतंकवाद विरोधी लड़ाई से पाकिस्तान को अलग करें और इसके लिए एक निश्चित तारीख भी बताए।हम अमेरिका से लड़ाई नहीं लडऩा चाहते।
गिरफ्तारी के डर से पाक नहीं जा रहे एजाज
लंदन. पाक मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज पाकिस्तान नहीं जाएंगे, क्योंकि इस्लामाबाद पहुंचने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मेमोगेट कांड को उजागर करने वाले मंसूर एजाज ने कहा कि वह न्यायिक आयोग के समक्ष गवाही देने के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे और चाहते हैं कि उनका बयान लंदन या ज्यूरिख से ही दर्ज किया जाए. पाक में पिछले साल तख्तापलट के डर से अमेरिकी मदद मांगने संबंधी एक गुप्त मेमो को सार्वजनिक करके सरकार और देश की शक्तिशाली सेना में तनाव की स्थिति पैदा करने वाले एजाज ने कहा कि उनकी इच्छा लंदन या ज्यूरिख में आयोग के समक्ष गवाही देने की है.
एजाज के वकील अकरम शेख के मुताबिक पाकिस्तानी अमेरिकी व्यापारी ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार की ओर से किसी व्यक्ति ने उन्हें गिरफ्तारी के खिलाफ सुरक्षा का आश्वासन नहीं दिया है. शेख ने कहा कि लगता है आयोग के समक्ष गवाही के बाद मंसूर एजाज को पाकिस्तान में पकडऩे के लिए निश्चिय ही एक सुनियोजित जाल बनाया गया है. इसलिए मंसूर एजाज ने आयोग से पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उनका बयान लंदन या ज्यूरिख में दर्ज करने का निवेदन करने का फैसला किया है. इससे पहले एजाज 16 जनवरी को तीन सदस्यीय न्यायाधीशों के आयोग के समक्ष पेश होने में नाकाम रहे थे. एजाज और शेख ने बार-बार मांग की है कि जब वह (एजाज) पाकिस्तान पहुंचे तो उनकी सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सेना को तैनात किया जाए.

