नई दिल्ली, 24 नवंबर. लगातार तीसरे दिन विपक्ष के विरोध के बाद गुरूवार को भी संसद नहीं चली. विपक्ष के लगातार शोर- शराबा करने से आज भी संसद में बहस नहीं हो सकी. इसके पहले सुबह संदस की कारवाई शुरू होते ही विपक्ष ने एक बार फिर नियम 184 के तहत महंगाई पर बहस की मांग की . लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुआ. ज्यादा हंगामा होने के बाद संसद को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

इससे पूर्व शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सुबह 11 बजे विपक्ष के हंगामे के बाद दोपहर 12 बजे तक संसद के दोनों सदन स्थगित कर दिए गए. बाद में 12 बजे फिर से 2 बजे तक लोकसभा और राज्यसभा को स्थगित करना पड़ा. इससे पूर्व सदन शुरू होने से पूर्व अटकलें लगाई जा रही थी कि लोकसभा में भाजपा और सरकार के बीच जारी गतिरोध गुरूवार को खत्म हो सकता है. दोनों पक्षों के बीच बुधवार देर रात सहमति बन जाने के बाद गुरूवार को कालेधन के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हो ने की उम्मीद थी. लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात के बाद दोनों के बीच यह सहमति बनी. हालांकि महंगाई के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने पर जोर दे रहेे वाम दल इस घटनाक्रम से खुश नजर नहीं आ रहे और वे इस मुद्दे पर अपने कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस अगल से दे सकते हैं.

ऐसा इसलिए है क्योंकि वाम दलों का मानना है कि भाजपा प्रस्ताव की उस भाषा पर सहमत हो गई है जो सरकार के लिए स्वीकार्य है. सुषमा ने इस मुद्दे पर वाम दलों के नेताओं से फोन पर बात की. सरकारी सूत्रों के अनुसार लोकसभा में सोमवार को महंगाई के मुद्दे पर चर्चा होगी. वाम दलों और भाजपा द्वारा कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में बुधवार को कोई कामकाज नहीं हो सका था. वाम दलों के नेताओं को प्रणव ने भोज पर आमंत्रित कर स्पष्ट किया था कि सरकार इस तरह के प्रस्ताव के जरिए चर्चा पर राजी नहीं हो सकती. उधर, सरकार ने सपा से भी संपर्क साधा और प्रणव ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से भी मुलाकात की.

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