समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ खोला मोर्चा, कांग्रेस को राहत

नई दिल्ली, 30 अगस्त. कोयला ब्लाक आवंटन में कथित अनियमितता के मुद्दे पर संसद की कार्यवाही लगातार ठप रहने के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वे शुक्रवार को संसद के द्वार  पर धरना देंगे. मुलायम के मैदान में आने से कांगे्रस को निश्चित ही राहत मिली है.

सपा प्रमुख ने भाजपा के संसद बहिष्कार के विरोध का फैसला किया है. वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कोयला ब्लाक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की. मुलायम ने आज माकपा, भाकपा और तेदेपा के सांसदों और नेताओं से मुलाकात की और संसद में सामान्य स्थिति बहाल किए जाने और इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए धरने पर बैठने का निर्णय किया. सपा, लेफ्ट और टीडीपी शुक्रवार को संसद परिसर में धरना देगी. यह बैठक ऐसे समय हुई है जब पिछले करीब दो सप्ताह से संसद में कोई कामकाज नहीं हो सका है. भाजपा इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है.

राजग सहयोगी जदयू और अकाली दल समेत अन्य विपक्षी दल भी संसद की कार्यवाही बाधित करने के पक्ष में नहीं है और इस मामले में कैग की रिपोर्ट पर चर्चा करना चाहते हैं. सूत्रों ने बताया कि यादव के अलावा माकपा नेता बासुदेव आचार्य, माकपा नेता गुरूदास दासगुप्ता और तेदेपा नेता नामा नागेश्वर राव ने बैठक में हिस्सा लिया. इन नेताओं ने कल संसद भवन परिसर में धरना देने का निर्णय किया है. लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पिछले सप्ताह से ही कार्यवाही नहीं चल पा रही है और भाजपा सदस्य इस विषय पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं. प्रधानमंत्री हालांकि संसद में दिए अपने बयान में इस रिपोर्ट के कुछ आकलनों को दोषपूर्ण और विवादास्पद बता चुके हैं.

संसद में फिर हंगामा, कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली. कोल ब्लॉक आवंटन पर सियासी संग्राम जारी है. एक बार फिर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. हंगामा थमता न देख लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. हालांकि शोरशराबे के बीच सरकार दो बिल पास कराने में कामयाब रही.

इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा करना करना शुरू कर दिया. शोरगुल थमता न देख लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. भाजपा अभी भी कोयला मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कथित भूमिका लेकर उनके इस्तीफे पर अड़ी हुई है. इधर संसद के मानसून सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ जाने के संशय के बादलों के बीच भाजपा ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह एनडीए की लड़ाई है, लेकिन जरूरत पड़ी तो वह अकेले ही इसे आगे बढ़ाएगी. कोयला पर प्रधानमंत्री का बयान आने के बाद अब इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग मुखर होने लगी है.

विपक्ष में लेफ्ट के अलावा खुद एनडीए के भीतर से भी यही मांग उठ रही है. सूत्रों के अनुसार एनडीए का प्रमुख घटक दल जदयू भी संसद को ठप करने की बजाए अब चर्चा कराने के पक्ष में है. हालांकि सार्वजनिक तौर पर जदयू इस सियासी जंग में भाजपा के साथ खड़ा दिख रहा है. एनडीए में भी अलग-थलग पडऩे की आशंका के बीच भाजपा नेता सुषमा ने साफ शब्दों में कहा कि जरूरत पड़ी तो भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई को अकेले ही आगे बढ़ाएगी.

हिम्मत हो तो चर्चा में हिस्सा ले विपक्ष : सोनिया

बाडमेर, 30 अगस्त. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन संप्रग की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोयला आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर संसद में व्यवधान पैदा कर रहे विपक्षी दलों को ललकारते हुए आज कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे चर्चा में हिस्सा लें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ सके.

श्रीमती गांधी ने यहां कहा कि संसद में गतिरोध पैदा करने की विपक्षी दलों की रणनीति लोकतंत्र के लिए खतरा है और अपनी जिद पर अडे रहकर विपक्षी दल ऐतिहासिक लोकतांत्रिक परम्पराओं का नाश करना चाहते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने किसी दल का नाम लिए बिना कहा, यदि विपक्षी दल अपनी मर्जी चलाना चाहेंगे, तो ऐसा संभव नहीं होगा.श्रीमती गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतंत्र एवं संसद की गरिमा को ध्यान में रखकर संसद की कार्यवाहियों में हिस्सा लेना चाहिए, न कि इसमें गतिरोध पैदा करना चाहिए. वह थार मरू क्षेत्र बाडमेर और जैसलमेर के लिए पेयजल उपलब्ध कराने वाली योजना बाडमेर लिफ्ट पेयजल परियोजना का औपचारिक उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित कर रही थीं.

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