राजनाथ ने प्रधानमंत्री को बनाया निशाना

नई दिल्ली,16 अक्टूबर. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की गिरफ्तारी के एक दिन बाद रविवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि येदियुरप्पा ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने सहयोगियों को बचा रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को यह सूचना मिलनी शुरू हुई कि येदियुरप्पा भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो हमने तत्काल कहा कि यदि कोई भी जांच एजेंसी ऐसी रपट देती है, जिससे यह साबित होता है कि वह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा। राजनाथ ने कहा कि जैसे ही लोकायुक्त की रिपोर्ट आई, येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया। यह हमारे संसदीय बोर्ड का निर्णय था। येदियुरप्पा पर कर्नाटक में खुद के लिए और अपने पारिवारिक सदस्यों के लिए अवैध तरीके से जमीन हासिल करने का आरोप है। राजनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुद्दा यह है कि भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए, जैसा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया है। सिंह ने कहा कि पी. चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उनके वरिष्ठ सहयोगी प्रणब मुखर्जी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक आधिकारिक पत्र भेजा था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री कहते हैं कि कुछ भी हो जाए, मैं अपने सहयोगी का बचाव करूंगा इससे भ्रष्टाचार बढ़ता है।  राजनाथ ने कहा कि भाजपा ऐसा कभी नहीं करेगी। यदि हमारे सबसे बड़े नेताओं के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो हम उन्हें उनके पदों से हटाने में जरा भी देरी नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे पीएम

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कृषि एवं भूमि सुधारों पर रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए इस महीने 10 मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं।  प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्र्रीय भूमि सुधार परिषद का इस वर्ष के प्रारम्भ में गठन किया गया था। परिषद में 10 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। सम्भावित बैठक में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, बिहार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के हिस्सा लेने की सम्भावना है।  अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री, कृषि मंत्री, पर्यावरण एवं वन मंत्री, पंचायती राज एवं जनजाति मामलों के मंत्री भी परिषद के सदस्य हैं।  अधिकारी ने कहा कि यह बैठक नई दिल्ली में 28 अक्टूबर को होने वाली है। विवादास्पद भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के मद्देनजर यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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