कैबिनेट बैठक-12 नव गठित जिलों में उद्योग केन्द्र स्थापित होंगे

भोपाल,3 नवम्बर नभासं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज संपन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में पटवारियों की चयन परीक्षा ऑनलाइन किए जाने का निर्णय लिया गया. वर्तमान में पटवारियों के 2790 पद रिक्त हैं . इन्हें भरने के लिए परीक्षा और सम्बन्धित सभी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी. इसका उद्देश्य भर्तियों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.

राजस्व विभाग द्वारा एम.पी.ऑनलाइन के साथ अनुबंध कर इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. पटवारी जिला स्तर का पद है और अभ्यर्थियों को जिले का मूल निवासी होना आवश्यक है. जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा. समिति में दो डिप्टी कलेक्टर और अनुसूचित जाति/ जनजाति का डिप्टी कलेक्टर स्तर का एक प्रतिनिधि शामिल होगा.

यह समिति ऑनलाइन परीक्षा का पर्यवेक्षण, अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए आवेदन-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के मूल दस्तावेज के साथ सत्यापन, रोस्टर के अनुसार विभिन्न वर्गों के रिक्त पदों की संगणना तथा जिला स्तरीय अंतिम वरीयता सूची के प्रकाशन का कार्य करेगी. पटवारी चयन परीक्षा के लिए आवेदन एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से वेबसाइट पर दर्ज किए जाएंगे और परीक्षा फीस भी एम.पी.ऑनलाइन के कियोस्क के माध्यम से जमा की जा सकेगी. चयन परीक्षा एम.पी.ऑनलाइन द्वारा निर्धारित केन्द्रों में आयुक्त,भू-अभिलेख द्वारा निर्धारित तिथियों में की जाएगी. इसके लिए भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, सतना, सागर और उज्जैन जिलों में परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं . उल्लेखनीय है कि परीक्षाएँ अलग-अलग तिथियों में आयोजित की जाएंगी. अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर इच्छानुसार एम.पी.ऑनलाइन के कियोस्क पर निर्धारित शुल्क जमा कर ऑनलाइन आवेदन करेगा. एम.पी.ऑनलाइन द्वारा परीक्षा के लिए 593 रुपये शुल्क (सर्विस टैक्स) निर्धारित किया गया है . निर्धारित तिथि के बाद जिले वार प्राप्त आवेदन जिलों को ऑनलाइन प्रेषित किए जाएंगे.

एम.पी.ऑनलाइन द्वारा आवेदन-पत्र में दी गई जानकारी की सत्यता मूल दस्तावेज से प्रमाणित करने के लिए जिला स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी. समिति निर्धारित तिथि को उस जिले के उम्मीदवारों के भरे हुए आवेदन एवं मूल आवेदनों का मिलान कर अभ्यर्थियों की पात्रता निर्धारित करेगी. दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने के लिए एम.पी.ऑनलाइन द्वारा प्रवेश पत्र प्रिंट किया जाएगा, जिसमें अभ्यर्थी का फोटो संलग्न होगा. एडमिट कार्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिसे अभ्यर्थी कहीं भी डाउनलोड कर सकेंगे.

निर्धारित तिथियों पर पात्र अभ्यर्थी एम.पी.ऑनलाइन द्वारा निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर एवं निर्धारित समय पर उपस्थित होकर परीक्षा दे सकेगा. आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त परीक्षा के लिए वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक तैयार करवाए जायेंगे, जिसमें दो-तीन हजार प्रश्न होंगे. इन प्रश्नों में से प्रत्येक अभ्यर्थी को अलग-अलग प्रश्न कम्प्यूटर द्वारा दिए जायेंगे. परीक्षा के बाद प्राप्त अंक कम्प्यूटर स्क्रीन पर देखें जा सकेंग,े लेकिन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक का प्रिंट आउट अभ्यर्थी को उपलब्ध नहीं करवाया जायेगा. परीक्षा के बाद प्रत्येक जिले को आरक्षण रोस्टर के अनुसार वर्ग वार चयन सूची उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे पटवारी की नियुक्ति की जा सकेगी. प्रतीक्षा सूची अगले तीन वर्ष तक मान्य रहेगी.

जिले वार अंतिम वरीयता सूची बनाई जाएगी, जिसका प्रकाशन प्रत्येक जिला कलेक्टर कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर तथा एम.पी.ऑनलाइन की वेबसाइट पर किया जाएगा. वरीयता सूची बनाने में अभ्यर्थी द्वारा हायर सेकेंडरी (10+2) परीक्षा में प्राप्त अंकों तथा लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों को पचास- पचास प्रतिशत अधिभार दिया जाएगा. 12 जिलों में व्यापार एवं उद्योग केन्द्र- मंत्रि-परिषद ने उद्योग संवर्धन नीति एवं विभिन्न योजनाओं के अधिक कुशल क्रियान्वयन तथा औद्योगिक विकास के लिए नवगठित 12 जिलों में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र स्थापित किए जाने का निर्णय लिया. ये जिले हैं- सिंगरौली, अनूपपुर, श्योपुर, नीमच, अलीराजपुर, अशोकनगर, डिंडौरी, उमरिया, बुरहानपुर, कटनी, बड़वानी और हरदा.

इन नवगठित 12 जिलों के लिए प्रत्येक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में 9 पदों के मान से कुल 108 पदों के निर्माण को मंजूरी दी गई . इन पदों में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले 37 पदों को सीधी भर्ती पर लगे प्रतिबंध से छूट देते हुए वाहन चालक, भृत्य एवं चौकीदार का कार्य आउटसोर्सिंग से करवाया जाएगा. मंत्रि परिषद ने त्रिवेणी प्रसाद सौंधिया, सेवानिवृत्त व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 2 को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किए जाने के विरुद्ध उनके द्वारा राज्यपाल को प्रस्तुत अपील निरस्त करने का निर्णय लिया. मंत्रि परिषद ने आर.के.गोंदले, सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को अनिवार्य रुप से सेवानिवृत्त किए जाने के विरुद्ध उनके द्वारा राज्यपाल को प्रस्तुत अपील को भी निरस्त करने का निर्णय लिया.

मंत्रि परिषद ने एथेंस (ग्रीस) में नि:शक्त बच्चों के लिए स्पेशल र्वल्ड समर गेम्स 2011 में मध्यप्रदेश के 8 विशेष बच्चों तथा 2 कोचों के शानदान प्रदर्शन पर उनकी सराहना की . इन नि:शक्त बच्चों का चयन एथेलेटिक्स, स्वीमिंग, फुटबाल, पॉवर लिफ्टिंग, बास्केटबाल और स्केटिंग के लिए किया गया था .

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