प्रशासन उदासीन

चार लोगों की मौत के बाद भी मच्छरमार मुहिम का इंतजार

भोपाल, 17 सितंबर. राजधानी में इन दिनों स्वाईन फ्लू और डेंगू बुखार का जोर है. अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं. इतना होने के बाद भी प्रशासन नहीं जागा और मच्छरों को मारने का प्रबंध तक नहीं किया गया. शहर के अस्पतालों में जहां मरीजों की संख्या बुखार को लेकर बढ़ रही है, इससे डॉक्टरों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है. शहर में अब तक चार लोगों की मौत स्वाईन फ्लू के कारण हो चुकी है और प्रदेश में आठ लोग इस बीमारी से अपनी जान गंवा चुके हैं.

शहर में बरसात का मौसम है. जगह-जगह गंदे पानी के गड्ढे भरे रहने के कारण मच्छरों की भरमार है. स्वाईन फ्लू से कल एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. गायत्री बाई नामक इस महिला को एक सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था. नगर निगम द्वारा मच्छरों को मारने का जो प्रबंध किया जाना चाहिये था, वह अभी प्रारंभ नहीं हुआ है. इससे बच्चों और बुजुर्गों को बुखार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. नये और पुराने शहर के अस्पतालों में बुखार से पीडि़त लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है पर इसके लिये शासन द्वारा ठोस उपाय नहीं किये जाने से लोग हैरत में हैं. नये भोपाल के जेपी अस्पताल में इस बीमारी के लिये खासतौर पर डाक्टर तैनात हैं पर मरीजों के साथ आने वाले परिजन के दबाव के चलते इन डाक्टरों पर दबाव बढ़ रहा है.

वहीं अन्य प्रायवेट अस्पतालों में बुखार से पीडि़त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसमें बुखार के साथ ही बच्चों को पीलिया के मरीजों की भी संख्या बढ़ती जा रही है. बारिश के चलते शहर में मच्छरों ने अपना डेरा डाल दिया है. प्रदेश के अन्य स्थानों भोपाल में चार, इन्दौर में दो, उज्जैन में एक मरीज की मौत होने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा मच्छर मारने की सख्त जरूरत है. इसके लिये नगर निगम और जिला प्रशासन के सख्त कदम उठाने की जरूरत है. नये भोपाल के भरत नगर, त्रिलंगा, अरेरा कॉलोनी, माता मंदिर, टीनशेड और अन्य इलाकों में बनी झुग्गी बस्तियों में इस बीमारी के मरीज बढऩे का खतरा बढ़ रहा है. वहीं पुराने शहर के काजी कैंप, शाहजहांनाबाद, छोला कैंची, स्टेशन बजरिया, छावनी, फरहत अफजा, बाग दिलकुशा, अशोक गार्डन, बरखेड़ी, जहांगीराबाद सहित अन्य वार्डों में गंदगी होने के कारण मच्छरों ने अपना डेरा डाल रखा है. इन इलाकों में गर्भवती महिलाओं को बुखार, पीलिया व अन्य बीमारियों के आने का खतरा बढ़ता जा रहा है. इसकी रोकथाम के लिये उपाय करना बेहद जरूरी है.

स्कूल और कॉलेजों में भी मच्छरों को मारने की मुहिम नगर निगम को जल्दी चलाने की जरूरत है ताकि लोग बीमारियों से बच सकें.  साथ ही शहर में मवेशियों के होने के कारण गंदगी और बढ़ती जा रही है. इस पर अगर रोकथाम तुरंत हो जाये तो बड़ी संख्या में लोग बीमार पडऩे से बच सकते हैं. राज्य शासन और नगर निगम को इस ओर ध्यान देना चाहिये और जल्द ही मच्छरमार अभियान चलाया जाना चाहिये. इससे शहर में डेंगू के साथ अन्य बीमारी पीलिया, मोतीझिरा और बुखार पर अंकुश लगाया जा सके.

Related Posts: