रथ यात्रा आज से, संप्रग सरकार पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 1० अक्टूबर, नससे. भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संप्रग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संप्रग सरकार के शासन में लोकतंत्र की सबसे खराब स्थिति हुई है. साथ ही उन्होंने आज साफ कर दिया कि उनके पार्टी में प्रधानमंत्री पद के बहुत सारे उम्मीदवार है. लिहाजा इसपर अभी चर्चा करना बेकार है.

11 अक्टूबर से शुरू हो रही जनचेतना यात्रा से पहले आज आडवाणी ने कहा कि संप्रग सरकार के अंदर नेतृत्व की कमी की वजह से ही बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लोगों के मन में सरकार के प्रति गुस्सा है. आडवाणी ने कहा कि लोगों के मन में सरकार के प्रति गुस्सा है क्योंकि वह महंगाई, भ्रष्टाचार और विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने में नाकाम साबित हुई है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो के दौरान यह देखने को मिला है कि महंगाई और भ्रष्टाचार के अलावा अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ लोगों के मन में गुस्सा है और ऐसा संप्रग सरकार में नेतृत्व की कमी की वजह से ऐसा हुआ है. आडवाणी ने कहा कि यात्रा के दौरान वह महंगाई, भ्रष्टाचार, चुनाव सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे. संप्रग सरकार के नेतृत्व में कमी की वजह से ही लोगों के मन में राजनीतिक व्यवस्था के प्रति आस्था कमजोर हुई है. वोट के बदले नोट मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए भाजपा के पूर्व सांसदों का बचाव करते हुए आडवाणी ने कहा कि हमारे सांसदों ने भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम किया. सारी दुनिया ने देखा की संप्रग ने सरकार बचाने के लिए क्या किया, लेकिन इसके बाद इन सांसदों को ही आरोपी बना दिया गया. आडवाणी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव सुधार का मुद्दा उठाया था. उनका कहना था कि देश में चुनाव सुधार होने चाहिए. प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हजारे और उनके प्रमुख सहयोगियों द्वारा चलाए गए आंदोलन की तरफ इशारा करते हुए आडवाणी ने कहा कि कुछ सामाजिक संगठनों की ओर से भ्रष्टाचार को लेकर आवाज उठाई गई.

मैं उन्हें साधुवाद देता हूं कि उन्होंने लोगों में इन मुद्दों के खिलाफ चेतना पैदा करने का काम किया. उन्होंने कहा कि वह अपनी यात्रा के दौरान जनता की इस चेतना को और बढ़ाएंगे. गौरतलब है कि आडवाणी की जन चेतना यात्रा लगभग 12,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी. इस यात्रा के दौरान आडवाणी प्रतिदिन करीब 300 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे.
प्रधानमंत्री पद को लेकर पार्टी में चल रही खींचतान पर उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में तीन वर्ष शेष हैं. समय आने पर पार्टी इस पर विचार करेगी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में इस पद के लिए कई नेता हैं.

मोदी से मतभेद नहीं
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मीडिया से आज खासे नाराज हुए. उन्होंने मीडियाकर्मियों को सलाह दी कि वे लिखने से पहले तथ्यों की जरूर पड़ताल कर ले.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से मतभेद संबंधी खबर पर उन्होंने कहा कि मैं स्वयं हैरान हूं. पिछले दो तीन दिनों से मेरी मोदी से कोई बात नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मी लिखने से पहले से पहले तथ्यों की पड़ताल कर ले. उन्होंने कहा कि मोदी से कुछ दिन पहले उनकी बात हुई थी. मोदी ने कहा था कि वह यात्रा के गुजरात पहुंचने पर मौजूद रहेंगे और उनका स्वागत करेंगे.

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