भोपाल, 29 जनवरी. जिला प्रशासन द्वारा आज भेल के दशहरा मैदान पर आयोजित हुये अंत्योदय मेले को ‘गरीबों के साथ खिलवाड़’ बताते हुये प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल एवं जिला (शहर) कांग्रेस अध्यक्ष पी.सी. शर्मा व नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर के नेतृत्व में आज सुबह बोर्ड आफिस के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेस के पार्षदों ने भी भाग लिया.

कांग्रेस के प्रदर्शनकारी भेल के दशहरा मैदान की ओर बढ़े तो पुलिस ने भारी बल प्रयोग करके उनको अंबेडकर प्रतिमा के पास ही रोक दिया और आगे नहीं बढऩे दिया. नतीजन गुस्साये कांग्रेसियों ने वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला जलाया और उनके खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़पें भी हुईं. प्रदर्शनकारियों ने जब भेल के दशहरा मैदान की ओर बढऩे की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने प्रदर्शन स्थल पर सभा को संबोधित करते हुये कहा कि भाजपा के इशारे पर प्रदेश में जो अंत्योदय मेले आयोजित हो रहे हैं, वे सरकार द्वारा जरूरतमंद गरीबों के साथ खिलवाड़ के सिवाय कुछ नहीं है. सरकारी योजनाओं से जो आर्थिक मदद गरीबों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कई महीने पूर्व मिल सकती थी, उसके लिये उनको अंत्योदय मेले में वितरण की आड़ में करीब 6 महीनों तक तरसाया गया.

वितरण की यह राजनीतिक व्यवस्था योजना के मूल उद्देश्य के भी खिलाफ है. आपने अंत्योदय मेलों की नियम विरुद्घ परिपाटी बंद करने की मांग की है. जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक पी.सी. शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री ने आज जिन योजनाओं की सहायता की सवा करोड़ से अधिक की सहायता राशि बांटी, उसमें अधिकांश राशि केंद्र सरकार की योजनाओं की है. हितग्राहियों से सच्चाई छुपाकर भाजपा सरकार द्वारा झूठी लाहवाही लूटी जा रही है. आपने कहा कि एनजीओ को अनुदान बंद करने की धमकी देकर अधिक से अधिक गरीबों को मेले में गाडिय़ों से ढोकर बुलाया गया था. कार्यक्रम में पूर्व महापौर विभा पटेल, ईश्वर ङ्क्षसह चौहान, पार्षद मोहम्मद शफीक खान, संजय दुबे, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा विक्टर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष भेल प्रकाश चौकसे, ब्लाक अध्यक्ष रामबाबू शर्मा, जितेंद्र कंसाना, ओ.पी. यादव, गोपाल वाजपेयी, राजू नरवरे, शाहवर आलम, नसीम कुरैशी, अशरफ भाई, शाहवर खान, सुनील पाठक, गुफरान, नवीन चौबे, मो. लईक, तारिक अनवर, दुर्गेश शर्मा, कमाल पाशा, सीमा पंवार, विनोद गिरी और शोभा नरवरे की भागीदारी उल्लेखनीय रही.

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