लखनऊ, 10 अप्रैल. यूपी विधानसभा चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की घोषणा की है लेकिन दोनों दलों के सामने नए नेता के चुनाव में मुश्किलें आ रही हैं.

हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने आने पदों से त्यागपत्र दे दिया है लेकिन उनका इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं किया गया है. दोनों नेता पहले की तरह अपने पदों पर काम कर रहे हैं हालांकि कांग्रेस और भाजपा आलाकमान ने उनके इस्तीफे नामंजूर भी नहीं किए हैं. दोनों दलों ने अभी तक अपने विधायक दल के नेता का भी चयन नहीं किया है जबकि सदस्यों को शपथ दिलाने और अध्यक्ष के चुनाव के लिए विधानसभा का तीन दिन का छोटा सत्र बुधवार से बुलाया गया है. इस छोटे सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को सदस्यता की शपथ दिलाई जाएगी और विधानसभा के अध्यक्ष का चुनाव होगा.

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