नई दिल्ली, 9 जुलाई. फिल्म अभिनेत्री और मॉडल लैला खान के कत्ल में नया खुलासा हुआ है।  परवेज इकबाल खान ने पुलिस को वो जगह बता दी है जहां लैला खान और उसके परिवार को उसने मौत के घाट उतारा।

यही नहीं, परेवज इकबाल टाक ने पुलिस को ये भी बताया है कि उसने लैला खान और उसके परिवार की लाश को कहां दफन किया है। इकबाल टाक ने सबसे पहला हमला अपनी पत्नी यानी लैला की मां सेलिना पटेल पर किया। इसके बाद नासिक में इगतपुरी के फॉर्म हाउस में उसने एक एक कर लैला समेत उसके परिवार के सभी छह सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। इस काम में उसका साथ दिया उसके जानने वाले शाकिर हुसैन ने।  लैला खान दुबई में सेटल होना चाहती थी। वहां वो माफिया डान दाऊद के एक सहयोगी कमाल यादवानी के बेटे सोनू उर्फ वूफी खान से शादी करना चाहती थी। शादी तय हो चुकी थी। और लैला अपने परिवार को लेकर दुबई में रहना चाहती थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इकबाल टाक ने खुलासा किया है कि वो इसलिए परेशान था क्योंकि लैला की मां सलीना पटेल ने अपनी सारी संपत्ति का अधिकार अपने दूसरे पति आसिफ शेख को सौंप दी थी। इसमें मुंबई में मौजूद उसकी एक विवादित जायदाद की पावर ऑफ अटार्नी भी थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक परवेज टाक इससे बौखला गया था। सूत्रों का कहना है कि उसने अपने कबूलनामे में बताया है कि वो इसी मामले को सुलझाने के लिए 9 फरवरी, 2011 को नासिक के इगतपुरी पहुंचा। उस वक्त सलीना और उसके परिवार के बाकी लोग वहीं पर मौजूद थे। आपसी बातचीत में उसकी सलीना से जमकर कहासुनी हुई। इसी कहासुनी में इकबाल ने सलीना को धक्का दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इकबाल के इस धक्के से सलीना के सिर में बुरी तरह से चोट लगी और वो जमीन पर गिर गई। उसी वक्त हो हल्ले की वजह से सलीना के परिवार के बाकी लोग बाहर निकल आएं। सूत्रों के मुताबिक इकबाल का कहना है कि उन लोगों ने सलीना के आसपास काफी खून बहे हुए देखा। उन्हें लगा कि उसने सलीना को मार दिया है।

इसके बाद उन लोगों ने तेज आवाज में शोर करना शुरू कर दिया। लेकिन सुनसान इलाके में बंगला होने की वजह से किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी। इकबाल का ये कहना है कि सलीना को मरा हुआ समझकर उसके घरवालों ने इकबाल को पीटना शुरू कर दिया। और उसी वक्त बंगले के अंदर एक और शख्स आया। ये शाकिर हुसैन था। जो परवेज का पड़ोसी था और इगतपुरी में लैला के फॉर्महाउस पर चौकीदार का काम करता था। इकबाल को पीटते देखकर वो भी इस झगड़े में कूद पड़ा। यहीं से शुरू हुआ खूनी खेल। शाकिर को साथ देखकर इकबाल का हौसला बढ़ा। इसके बाद शाकिर और इकबाल ने मिलकर लैला और उसके परिवार को लाठियों और रॉड से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इकबाल ने ये कबूला है कि जब तक उसके परिवार के सभी सदस्यों ने दम नहीं तोड़ दिया तब तक वो और शाकिर उन्हें पीटते रहे। सभी छह लोगों की हत्या करने के बाद रात को इकबाल और शाकिर लाशों को गाड़ी में भरकर इगतपुरी फॉर्म हाउस के पास ही मौजूद पास के एक जंगल में ले गए। सूत्रों के मुताबिक वहां उन्होंने लाशों को एक के बाद एक गड्ढे में गहनों के साथ ही दबा दिया।

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