नई दिल्ली, 15 नवंबर. इस साल एक के बाद तेल कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आखिर अब अच्छी खबर आई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 2.25 लीटर घटा दिए हैं। नई कीमतें आज आधी रात से लागू हो जाएंगी।

गौरतलब है कि 3 नवंबर को पेट्रोल की कीमत में 1.80 पैसे का इजाफा कर दिया गया था। तेल कंपनियों ने इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद यह फैसला लिया है। जून 2010 के बाद पहली बार है, पेट्रोल के दाम घटाए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले इस साल पांच बार तेल की कीमतों में इजाफा किया गया था। इस पहले 16 जनवरी, 15 मई, 1 जुलाई, 15 सितंबर और 3 नवंबर को पेट्रोल की कीमतें बढ़ी थीं। तीन नवंबर को तेल के दाम एक बार फिर बढऩे पर केंद्र सरकार को अपने ही सहयोगियों के विरोध का सामना करना पड़ा था। तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने तेल की कीमत फिर बढ़ाने पर सरकार को अल्टिमेटम दे डाला था। चूंकि पेट्रोल की कीमतों पर सरकारी नियंत्रण खत्म हो चुका है, इसकी दरें वैश्विक दरों के मुताबिक घटती-बढ़ती हैं। हमारा इरादा कीमतों में गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने का है। नवंबर के पहले पखवाड़े में पेट्रोल की कीमतें औसतन 115.85 डालर प्रति बैरल थीं, जबकि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में कीमतें औसतन 121.67 डालर प्रति बैरल थीं और इसी मूल्य को देखते हुए 1.80 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। इसके अलावा, इस महीने रुपये का औसत भाव 49.20 रुपये प्रति डालर रहा जो अक्टूबर के 49.40 प्रति डालर के मुकाबले अधिक है।

तेल कंपनियां पखवाड़े के औसत वैश्विक तेल मूल्यों के आधार पर पेट्रोल के दामों में फेरबदल करती हैं। सरकार ने पिछले साल जून में पेट्रोल के मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण हटा लिया था। उन्होंने कहा कि सभी करों को छोड़कर पेट्रोल की कीमतों में कटौती 1.86 रुपये प्रति लीटर की बनती है। हालांकि, करों को ध्यान में रखते हुए यह 2 रुपये प्रति लीटर तक घट सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 3 नवंबर को पेट्रोल की कीमत 1.80 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी थी। इस साल कीमतों में यह चौथी बार की गई वृद्धि थी। खाद्य उत्पादों और पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़े मूल्यों ने अक्टूबर महीने में लोगों को खूब छकाया। महंगाई से बढ़ी दुश्वारियों ने आम उपभोक्ताओं के आंसू निकाल दिए।

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